PMC Bank मामले में डिपॉजिटर्स को जल्द मिल सकती है राहत!

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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेन्स विंग (EOW) और पीएमसी बैंक (PMC Bank) के प्रशासन ने एक खास को-ऑर्डिनेशन टीम बनाया है. इस टीम को बनाने का मकसद है कि पीएमसी बैंक मामले निपटारा जल्द किया जाए. इस संबंध में आज आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das), ED निदेशक संजय कुमार मिश्रा, मुंबई पुलिस कमिश्नर संजय बारवे, पीएमसी बैंक के जेबी भोरिया ने आरबीआई हेडक्वार्टर पर आज बैठक की।

पीएमसी बैंक का मामला तब सामने आया था जब रियल्टर HDIL द्वारा बैंक को 4,355 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं करने के बारे में पता चला था. इस मामले के सामने आने के बाद RBI ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पीएमसी बैंक पर कई तरह का प्रतिबंध लगा दिया था.

HDIL ने पीएमसी बैंक से नियामकीय सीमाओं (Regulatory Limits) से अधिक का कर्ज लिया था. इस स्कैम के सामने आने के बाद से ही मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) से लेकर फ्रॉड तक के मामले सामने आए हैं।

कोर्ट से मंजूरी लेने के बाद RBI ने पीएमसी बैंक प्रशासन को SARFAESI एक्ट के तहत संपत्तियां बेचने का निर्देश जारी कर सकता है. प्रवर्तन निदेशालय ने HDIL की 3,830 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को जब्त किया है, जिसमें मुंबई के वसाई और पालघर में जमीन, अलीबाग में लग्जरी बंग्ला और कई लग्जरी कार शामिल हैं.

मुंबई पुलिसी की इकोनॉमिक ऑफेन्स विंग (Economic Offence Wing) ने भी सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं. सूत्रों के मुताबिक, कुल जब्त की गई संपत्तियां फ्रॉड के अमाउंट से भी अधिक हो सकती हैं।

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