Katni : रूकने का नाम नहीं ले रही ब्ल्डबैंक में व्याप्त भर्रेशाही

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कटनी। जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में व्याप्त अनियमितताओं के चलते मरीजों के साथ ही अब रक्तदान करने वाली संस्थाओं को भी परेशान होना पड़ रहा है। ब्लड बैंक में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा इन संस्थाओं के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार की शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से करते हुए कार्यवाही की मांग की गई है।
गौरतलब है कि कटनी ब्लड डोनर सोसाइटी, मिलन ब्लड डोनर सोसाइटी समिति, होप ग्रुप, साईं ब्लड डोनर ग्रुप एवं हेल्थ ब्लड डोनर ग्रुप ने सीएमएचओ को दी गई शिकायत में बताया कि विगत 12 वर्षों से इन संस्थाओं के सदस्यों द्वारा जिला चिकित्सालय में भर्ती होने वाले मरीजों को जरूरत पड़ने पर रक्तदान किया जा रहा है।
समिति के माध्यम से अब हजारों मरीजों की जान बचाने का पुण्यकार्य किया गया है। संस्था के सदस्य समय-समय पर रक्तदान करते हुए अन्य लोगों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करते रहते हैं। यह भी बताया गया है कि समितियों के माध्यम से प्रतिदिन 10 सदस्यों से रक्तदान करवाया जाता है। समिति के सदस्य हर समय रक्तदान के लिए तत्पर रहते हैं। समितियों द्वारा अनेकों बार जिला अस्पताल के साथ ही अन्य स्थानों पर रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाते रहे हैं। लेकिन पिछले करीब तीन महीने से ब्लड बैंक में व्याप्त भर्रेशाही की वजह से समितियों के पदाधिकारियों और सदस्यों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लैब टेक्नीशियन के आने का समय निर्धारित नहीं
शिकायत में बताया गया है कि ब्लड बैंक में पदस्थ लैब टेक्नीशियन जया नामदेव द्वारा मरीजों, परिजनों और रक्तदानदाताओं के साथ पिछले काफी समय से दुर्व्यवहार किया जा रहा है। लैब टेक्नीशियन जया नामदेव के ब्लड बैंक में न तो आने का समय निर्धारित है और न ही जाने का। वे हमेशा निर्धारित समय से काफी विलंब से ब्लड बैंक में आती हैं।
लैब टेक्नीशियन द्वारा प्राईवेट अस्पतालों से आने वाले मरीजों के परिजनों का ब्लड ग्रुप चेक करने से मना कर दिया जाता है, जो कि न्यायसंगत नहीं है। इसके लिए मरीज द्वारा 1050 रूपए सेवा शुल्क भी वहन किया जाता है।
अटेंडेंट और पैथालाजिस्ट का गैर जिम्मेदारा रवैया
ब्लड बैंक में कार्यरत अटेंडेंट वीरेंद्र समुन्द्रे पूरे समय नशे में धुत्त रहता है। इसकी शिकायत पूर्व में मौखिक रूप से की जा चुकी है लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसकी शिकायत पैथॉलॉजिस्ट देवेंद्र पटेल से की गई तो उनके द्वारा समिति के पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका साफ कहना है कि यदि रक्तदान में इतनी परेशानी हो रही है तो ये समाजसेवा का कार्य बंद कर दीजिए। समितियों ने सीएमएचओ से कार्यवाही की मांग करते हुए शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर एस बी सिंह एवं सिविल सर्जन डॉ. एस के शर्मा को भी दी है।

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