Katni : लकड़ी काटने गया युवक नहीं लौटा

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कटनी। समीपी ग्राम दशरमन के कुछ युवक शुक्रवार को लकड़ी काटने हेतु समीप में ही लगे जंगल की ओर गए थे, जिसमें से चार तो लौट आए हैं लेकिन दशरमन निवासी प्रेम सागर 17 वर्ष पिता रूपलाल अभी तक नहीं लौटा। प्राप्त जानकारी के अनुसार पांच युवक लकडी लेने शुक्रवार की सुबह लगभग 11 बजे जंगल की ओर निकले थे जिनमें से चार तो वापस आ गए लेकिन प्रेम सागर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।जिसमें शंकर घाट के पास युवक की साइकिल और पेंट मिली और इसकी सूचना परिजनों ने सिलौंडी चौकी में दी। ग्रामीणों ने जानकारी लगते ही जंगल और नदी में युवक की कोज की लेकिन दिन भर बीतने के बाद भी उन्हें कुछ हाथ नहीं लगा। मामले का सबसे दुखद पहलू यह है कि अभी तक शासन प्रशासन के द्वारा उल्लेखनीय कार्यवाही नगण्य रही। युवक का पता न चलने से परिजनों का बुरा हाल है युवक की माँ शीला बाई ने बताया कि इतना लंबा समय बीतने के बाद भी उनका बेटा कहाँ किस हाल में है कुछ तो सुराग लगता। प्रशासन के नुमाइंदे जैसे तैसे पहुंच तो गए लेकिन इसके बावजूद भी कोई सुराग नहीं लगा। खोजबीन में जुटे परिजनों ने बताया कि काफी समय शाम तक ग्रामीणों ने पानी के अंदर भी खोजबीन की अब कल सुबह फिर तलाश करेंगे। प्रशासन के ढुलमुल रवैया का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार से रविवार तक सिर्फ गोताखोरों का इंतजार ही होता रहा।
युवाओं ने उठाया बीड़ा
प्रशासन की दवा को देखते हुए ग्रामीणों ने खुद ही प्रेम कुमार को ढूंढने का जिम्मा लिया और एक बार फिर कुछ लोग जंगल की ओर गए और कुछ लोग नदी में प्रेम कुमार की खोज करने लगी देर शाम मिला शव घंटों खोजबीन के बाद ग्राम के ही पंजी यादव, प्रकाश पटेल, भूरा पटेल, प्रेम कुमार पटेल, बड्डू कुर्मी, अजय पटेल ने प्रेम कुमार का शव फंसी हुआ देखा।

छतविछत था शव, मझगवां में पुलिस ने भगा दिया
पुलिस के बर्बर रवैये का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब युवक के पिता रूपलाल ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट मझगवां थाने में लिखाने गए तो थाने के एक अधिकारी ने उसे धमकी भरे स्वर में डपट कर भगा दिया। और कहा सिलौंडी चौकी में रिपोर्ट लिखाओ। प्रशासन के हाथ का खिलौना बन चुका रूपलाल प्रशासन के दरवाजे भटकता रहा और अंततः सिलौंड़ी पुलिस ने उसका आवेदन लिया तब जाकर प्रशासन की लिखापढ़ी में प्रेम कुमार की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हो पाई। पुलिस प्रशासन लगातार यही कहता रहा हर सवाल पर कि गोताखोर आएंगे बस 2 घंटे में पहुंच रहे हैं।सिहोरा पहुंच गए हैंएमझगवां पहुंच गए हैं और अंततः गोताखोर मौके पर नहीं पहुंच पाए जिसका परिणाम यह हुआ कि तीसरे दिन प्रेम कुमार का शव नदी में मिला।

आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
पुलिस के ढुलमुल रवैया के चलते आक्रोशित ग्रामीणों ने सिहोरा.सिलौंड़ी मार्ग को जाम कर दिया जिससे प्रशासन हरकत में आया और लिखित रूप से आश्वस्त कराया कि आज गोताखोरों को बुलाकर प्रेम कुमार की खोज कर ली जाएगी।जिस पर परिजन राजी हुए और चक्काजाम समाप्त कर दिया शुक्रवार सुबह से गायब प्रेम कुमार दिवाली की शाम को मिल पाया जिससे मृतक के परिजनों का बुरा हाल है। मूकदर्शक बना रहा प्रशासन इतनी बड़ी घटना होने के बाद और ग्रामीणों द्वारा खुद ही पहल किए जाने के बाद भी प्रशासन सिर्फ मूकदर्शक बना रहा युवकों की पहल से अलग.अलग टोली बनाकर खोजबीन का प्रयास किया गया और अंततः प्रेम कुमार को तो ढूंढ ही लिया लेकिन मृत अवस्था में।

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