मंच पर बोलने जैसे ही माइक के सामने आये मंत्री जी हो गई बिजली गुल, फिर.

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उज्जैन। मुख्यमंत्री निकाह सम्मेलन में रविवार को दो बार बिजली गुल हो जाने पर जिले के प्रभारी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा खासे नाराज हुए। उन्हें बिना माइक के संबोधन देना पड़ा। मंत्री का नाराजगी का असर यह रहा है कि बिजली कंपनी के दो अफसर निलंबित हो गए। बड़े आयोजन में बिजली गुल होने की घटना चर्चा का विषय बनी रही। मामला नगर निगम की ओर से इंदौर रोड स्थित होटल इम्पीरियल में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत हुए निकाह सम्मेलन का है। सम्मेलन में 25 जोड़ों ने निकाह पढ़ एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का वचन दिया।

नवदंपतियों को आशीर्वाद देने जिले के प्रभारी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा पहुंचे थे। उन्होंने मंच से उठ जैसे ही डायस पर जाकर माइक से कुछ बोलना चाहा, लाइट चली गई। इससे वे नाराज हुए। प्रशासनिक अफसरों ने विद्युत के वैकल्पिक इंतजाम स्वरूप जनरेटर से लाइट चालू कराई। बिजली आई और फिर मंत्री ने डायस पर आकर माइक पर बोलना शुरू किया ही था कि 2 मिनट में फिर बत्ती गुल हो गई।

48 हजार रुपए दुल्हन के बैंक खातों में होंगे जमा

नगर निगम के सहायक आयुक्त सुबोध जैन ने बताया कि विवाह योजना अंतर्गत 48 हजार रुपए दुल्हन के बैंक खाते में जमा होंगे। 3 हजार रुपए सम्मेलन की तैयारी पर खर्च हो गए हैं।

ये हुए निलंबित

मंत्री ने व्यवस्था पर नाराजगी प्रकट कर अपना सिर पकड़ लिया। उन्होंने नवदंपतियों को बिना माइक के ही आशीर्वचन दिया। जनसहयोग से जुटाए उपहार भी दिए, लेकिन बात यही खत्म नहीं हुई। घंटेभर बाद ही मप्र बिजली वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री आशीष आचार्य ने इस लापरवाही के लिए उच्च दाब पूर्व शहर संभाग के सहायक यंत्री रविकांत मालवीय और वरिष्ठ परीक्षण सहायक विजयकुमार निगम को निलंबित कर दिया।

निलंबन का किया विरोध

अफसरों के निलंबन किए जाने की कार्रवाई का बिजली कर्मचारी संघ ने विरोध किया है। कर्मचारी नेता केशवलाल गुप्ता ने कहा है कि दीपावली के मद्देनजर विद्युत लाइन का संधारण कार्य चल रहा है। ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई अनुचित है।

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