Katni : रेत के चक्‍कर में बदनाम हो रही बरही पुलिस

Advertisements

बरही। जिस तरह फिल्म में जमकर डार्लिंग के लिए मुन्नी बदनाम हुई थी। ठीक उसी तरह बरही पुलिस भी रेत के अवैध कारोबार में अवैध वसूली को लेकर बदनामी का दंश झेल रही है। एक के बाद इनके कई कारनामे सामने आ रहे है। ओव्हरलोडिंग के नाम पर जहां 7 वाहनों से 28-28 हजार रुपए वसूलने के आरोप बरही के प्रभारी थाना प्रभारी व एसआई झारिया पर लगे, जिसका वीडियो शोसल मीडिया में सतना से वायरल हुआ, तो वहीं रेत कारोबारियों से एंट्री वसूलने का वीडियो वायरल होने पर एएसआई झारिया व पंकज शुक्ला को प्रभारी पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा ने लाइन हाजिर कर दिया, जबकि एसआई पंकज शुक्ला के साथ एसआई झारिया पर भी रुपए मांगे का आरोप सतना से वायरल हुई वीडियो में लगा थाए लेकिन एएसआई झारिया के चक्कर मे एसआई झारिया कार्यवाही से साफ बच निकले।
सतना से वायरल हुई वीडियो फुटेज में बरही थाना में पदस्थ एसआई सेवक राम झारिया की पर 15-15 हजार रुपए मांगने का आरोप थाए लेकिन इसी बीच एएसआई झारिया का वीडियो वायरल हो गयाए जिसके चलते झारिया पर लाइन हाजिर होने की कार्यवाही तो हुईए लेकिन सतना से लगे आरोप के बाद सेवक राम झारिया बच निकले। वायरल हुई वीडियो में साफ कहा जा रहा है कि घन मीटर के हिसाब से रेत की रॉयल्टी देने के बाद भी पुलिस गुंडा टैक्स वसूलने में मशगूल है। वीडियो के जरिये यह भी कहा गया कि जो भी कार्यवाही करनी है माइनिंग विभाग करेए लेकिन पुलिस अवैध वसूली में जुटी रहती हैए जिससे ट्रांसपोर्टरों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि बरही क्षेत्र रेत के अवैध कारोबार में पूरे प्रदेश में बदनाम होने के बाद गत दिवस टीआई.एसआई के बीच गहराए विवाद के 25 दिन बाद एसपी ने दोनों को बरही थाना से हटा दिया था। टीआई नंदकिशोर पांडेय तत्काल रिलीव हुए थे, एसआई मीनाक्षी पेन्द्रे मेडिकल पर चली गई, जिसके बाद वे कोर्ट से स्थगन ले आई। इसी बीच उपनिरीक्षक पंकज शुक्ला को पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने बरही थाना का प्रभारी बनाया था कि शायद कुछ सुधार होए लेकिन एसआई पंकज शुक्ला भी रेत के अवैध दलदल में डूब गए, जिसका हस्र सामने है।

Advertisements