तो वनमंत्री की नाराजगी के चलते IAF अफसर के 9 माह में 4 तबादले

भोपाल। वनमंत्री उमंग सिंघार के विधानसभा क्षेत्र में सलई गोंद से भरी गाड़ी पकड़ना आईएफएस अफसर मनोज अग्रवाल को भारी पड़ गया। अग्रवाल के नौ माह में चार तबादले किए गए। इतना ही नहीं, वन मुख्यालय में पदस्थी के दौरान उन्हें दो शाखाओं में पोस्टिंग देकर काम नहीं दिया गया। आखिर पदोन्नति के बाद अग्रवाल को विभाग से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। गोंद से भरी गाड़ी छोड़ने को लेकर गंधवानी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सतपाल सिंह बरनाला ने अग्रवाल को फोन पर धमकाया। मामले में अग्रवाल ने खंडवा डीएफओ को कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। खंडवा के वन अमले ने जनवरी 2019 में आशयर ट्रक पकड़ा था। इसमें 38 क्विंटल गोंद बेचने लिए इंदौर ले जाई जा रही थी। ट्रक को एक स्कार्पियो भी फॉलो कर रही थी।

मामले में अमले ने वनोपज अधिनियम के तहत सात लोगों पर प्रकरण दर्ज किया और गाड़ियां जब्त कर लीं। यह प्रकरण वर्तमान में कोर्ट में विचाराधीन है। तत्कालीन सीसीएफ मनोज अग्रवाल के खंडवा वनमंडल के तत्कालीन डीएफओ संजीव झा को लिखे पत्र के अनुसार गंधवानी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बरनाला ने 12 जनवरी की दोपहर दो बजे उन्हें फोन लगाया और वाहन एवं लोगों को छोड़ने की पेशकश की। इससे इंकार करने पर बरनाला ने अग्रवाल को धमकी दी। फिर भी गाड़ी और लोगों को नहीं छोड़ा गया।

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