मध्यप्रदेश में दिखने लगा ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर

भोपाल। ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर दूसरे दिन रविवार को प्रदेश के महानगरों में ज्यादा देखने को मिला। अलग-अलग ट्रांसपोर्टरों की यूनियनों ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर व ग्वालियर में हड़ताल कर करीब डेढ़ लाख बड़े ट्रकों का संचालन नहीं करने दिया। बाकी शहरों में हड़ताल का मिला-जुला असर ही दिखा। पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाए गए 5 प्रतिशत वैट को वापस लेकर डीजलों की कीमत कम करने, पुराने वाहनों पर टैक्स की बाध्यता समाप्त सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल चल रही है। हालांकि यूनियनों के बीच एकजुटता की कमी के चलते ज्यादा संख्या में ट्रकों का संचालन बंद नहीं हो सका।

पहले दिन शनिवार को ट्रांसपोर्टरों ने दावा किया था कि प्रदेशभर में बड़े व मझौले ट्रकों सहित डंपर, टैंकर व मालवाहक वाहन सहित 15 लाख में से 10.5 लाख वाहन नहीं चले। इससे करीब 200 करोड़ स्र्पए का नुकसान सरकार को हुआ। वहीं रविवार को हड़ताल की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। हालांकि अष्टमी, नवमी व दशहरा के कारण ट्रकों के ड्राइवर व लेवर अवकाश पर चले रहे हैं। इस वजह से भी ट्रकों का संचालन नहीं हो पा रहा।