मेट्रो नामांकरण विवाद: हो रही थी कांग्रेस की समन्वय बैठक, कार्यकर्ता भिड़े और शुरू हो गये लात-घूंसे

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भोपाल। राजधानी के रोशनपुरा चौराहा स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में शुक्रवार को कार्यकर्ताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए बुलाई गई बैठक में जमकर बवाल हुआ। प्रभारी मंत्री डॉ. गोविंद सिंह (व जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा के सामने ही देखते ही देखते कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। उनके बीच मारपीट भी हुई। विवाद की जड़ मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा भोपाल मेट्रो के नामकरण को लेकर थी। दरअसल, बीते दिनों मेट्रो शिलान्यास कार्यक्रम में भोपाल मेट्रो का नाम ‘भोज मेट्रो” रखा गया था।

विभा पटेल ने सगीर का माइक छीनने की कोशिश की

कांग्रेस की बैठक की शुरुआत ही मेट्रो के नाम पर आपत्ति को लेकर हुई। इस पर कांग्रेसियों के दो गुट बंट गए। कांग्रेस नेता आसिफ जकी, अमित शर्मा, मोनू सक्सेना ने मुख्यमंत्री की मंशा पर कांग्रेसी नेताओं द्वारा सवाल खड़े करने का विरोध किया। वहीं निगम नेता प्रतिपक्ष मो. सगीर ने भोज मेट्रो नाम पर आपत्ति ली। इस दौरान पूर्व महापौर विभा पटेल ने सगीर का माइक छीनने की कोशिश की। विवाद बढ़ा तो दोनों कार्यकर्ताओं के दो गुटों में गाली-गलौच शुरू हो गई। देखते ही देखते आसिफ जकी व मो. सगीर के समर्थकों में मारपीट शुरू हो गई।

बैठक के बाद भी हुआ विवाद

बैठक में विवाद को सुलझाने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष कैलाश मिश्रा ने मोर्चा संभाला। दोनों ही पक्षों को समझाइश भी दी, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। अन्य कार्यकर्ताओं की आपत्ति के बाद दोनों ही पक्ष बाहर निकल गए। वहां भी जमकर विवाद शुरू हुआ।

वरिष्ठ नेताओं की भी अनदेखी

बैठक में मंत्री पीसी शर्मा, डॉ. गोविंद सिंह के अलावा जिला व प्रदेश कांग्रेस के भी कई पदाधिकारी मौजूद थे। पीसी शर्मा ने कार्यकर्ताओं को शांत कराने व अनुशासन का पाठ भी पढ़ाने की कोशिश भी की, लेकिन वरिष्ठ नेताओं के निर्देशों को भी दरकिनार कर वे आपस में भिड़ते दिखाई दिए।
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