Honey Trap Case: MP के गृह मंत्री बोले SIT में बदलाव का मकसद दूध का दूध पानी का पानी करना है

इंदौर। हनी ट्रैप मामले में मप्र के गृह मंत्री बाला बच्चन  ने कल कहा कि मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) में बदलाव का मकसद दूध का दूध और पानी का पानी करना है। षडयंत्र में जो भी लोग शामिल हैं उनके नाम जल्द सामने आएंगे।
बच्चन गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर सर्वधर्म सभा में हिस्सा लेने इंदौर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि हनीट्रैप मामले की गंभीरता को समझते हुए डीजी और एडीजी लेवल के अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। मामले के आरोपियों पर राजनीतिक दबाव के बारे में सवाल पूछने पर मंत्री ने कहा कि किसी भी आरोपी पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है। हनीट्रैप में जो भी दोषी होगा चाहे वह पक्ष का हो या विपक्ष का वह कार्रवाई से बच नहीं पाएगा।

SIT में दस दिन में तीसरा बदलाव

हनीट्रैप केस की जांच के लिए राज्य सरकार ने डीजी स्तर के सीनियर आईपीएस अधिकारी राजेंद्र कुमार को एसआईटी का जिम्मा सौंपा है। मौजूदा एसआईटी चीफ संजीव शमी को बदलकर पुलिस भर्ती एवं एंटी नक्सल ऑपरेशन में भेजा गया है। नौ दिन पहले बनी एसआईटी में यह तीसरा बदलाव है। राजेंद्र कुमार के साथ एसआईटी टीम में एडीजी सायबर क्राइम मिलिंद कानस्कर और एसएसपी इंदौर रुचि वर्धन मिश्र रहेंगे। राज्य सरकार ने हनी ट्रैप केस की जांच के लिए 23 सितंबर को एसआईटी गठित की थी।