लिव इन रिलेशनशिप में रहने के बाद कर रही थी ब्लेकमेल जानिए हनी ट्रेप का कटनी कनेक्शन

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कटनी के युवक को फंसा चुकी है मुख्य आरोपी आरती दयाल कटनी। प्रदेश में हलचल मचा देने वाले हनी ट्रैप मामले का कटनी कनेक्शन भी सामने आया। बताया जा रहा कि मामले की मुख्य आरोपी आरती दयाल का असली नाम आरती वर्मा है। दरअसल आरती वर्मा ने कटनी के एक व्यवसाई पंकज दयाल के साथ लिव इन रिलेशनशिप के जरिए कुछ वक्त गुजारा और उसके बाद पंकज दयाल को ब्लैकमेल करने लगी। जब पंकज दयाल ने उसे पैसे देने से मना कर दिया तो उसने छतरपुर थाने में पंकज दयाल को पति बताकर उसके खिलाफ केस दायर कर दिया। जिस वक्त आरती ने पंकज पर केस दर्ज कराया, उस वक्त पंकज दयाल की शादी होने जा रही थी, जिसके बाद पंकज दयाल और उसके पिता ने कटनी जिला न्यायालय की शरण ली, जहां एडवोकेट मिथिलेश जैन ने पैरवी करते हुए बताया कि आरती दयाल नहीं है, बल्कि आरती वर्मा है, जिसकी शादी हरियाणा के अनिल वर्मा नाम के युवक से हुई थी और यह दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। लिहाजा कटनी कोर्ट ने पंकज दयाल को राहत देते हुए एंटीसिपेटरी बेल मंजूर की थी और छतरपुर पुलिस को सूचना दी थी कि मामले में पंकज दयाल की गिरफ्तारी नहीं की जाए। आज कटनी में उनके वकील मिथलेश जैन ने इस बात का खुलासा किया है, साथ ही ऑर्डर की कॉपी भी दी है, जिसमें साफ लिखा हुआ है कि आरती अनिल वर्मा की पत्नी है, जिसके खिलाफ भी उसने मामले दर्ज करवाए थे। एडवोकेट मिथिलेश जैन मौजूदा दौर में कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष भी है। इस लिहाज से उन्होंने इस पूरे मामले में आरएसएस और भाजपा को हाशिए पर लेते हुए कहा कि उनके कार्यकाल से ब्लैक मेलिंग का खेल चालू है, जो अब निकल कर सामने आ रहा है। आरती दयाल के नाम का नया खुलासा होने से चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया है और कयास लगाए जा रहे हैं कि पंकज दयाल के अलावा भी कटनी में कई लोगों को ब्लैकमेल किया गया होगा।

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