अध्यापकों की मांग नहीं मानी तो सरकार बदल देंगे

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कटनी। म. प्र. स्कूल शिक्षा विभाग में गत 10 वर्षों से शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई, अतिथि शिक्षकों से 50 हजार रूपये महीने का कार्य 25 हजार रूपये महीने में कराया जा रहा है। अध्यापकों को स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन करके शासकीय शिक्षक बनाने का 100 बार मुख्यमंत्री आश्वासन दे चुके है, हजारों पदोन्नति के पद रिक्त होने के बावजूद पदोन्नति नहीं दी जा रही है, हजारों प्रकरण अनुकंपा नियुक्ति के लंबित, शिक्षण कार्य छोड़कर शिक्षकों से गैर शिक्षकीय कार्य लिये जा रहे हैं, युक्तियुक्तिकरण के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है, स्थानांतरण नीति दस वर्षों में नहीं बनी इन सभी मांगों को लेकर 12 वर्षों से अध्यापक संघर्ष कर रहे हैं लेकिन कोई भी मांग पूरी नहीं होने से प्रदेश के 10 लाख शिक्षक, अध्यापक, अतिथि शिक्षक, निजी स्कूलों के शिक्षक आक्रोशित हैं। सरकार ने अब अध्यापकों की मांगें पूरी नहीं की तो आगामी विधानसभा के चुनाव में सरकार बदल देंगे। उक्त विचार शिक्षक कांग्रेस के संगठन प्रभारी रामनरेश त्रिपाठी ने संगठन की जिला शाखा की बैठक में व्यक्त किये। बैठक में संगठन के नवनीत चतुर्वेदी, रामनिधि मिश्रा, अजय सिंह, श्रवण पाठक, ललित पटेल, बसंत पाण्डे, देवेन्द्र दुबे, ओमप्रकाश राय, बुद्धलाल गौंटिया, प्रघुम्न बख्शी, सुरेन्द्र समदरिया, उपेन्द्र शर्मा, नारायण मिश्रा, राधेश्याम पठारिया, जावेद खान आदि सहित सैकड़ों अध्यापकों, शिक्षकों की उपस्थिति रही है।

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