प्रधानमंत्री किसान पेंशन स्कीम: १७ लाख किसानों ने किया अपना भविष्य सुरक्षित, आप भी ऐसे उठा सकते हैं फायदा

नई दिल्ली. मोदी सरकार न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने वाली योजनाएं बना रही है बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित करने का काम कर रही है. उनके बुढ़ापे में सहारा के लिए ३००० रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की योजना बनाई गई है. इसमें किसानों का अच्छा रुझान मिल रहा है. हर रोज औसतन ३७ हजार किसान इसमें अपना नाम और दस्तावेज रजिस्टर्ड करवा रहे हैं. स्कीम का नाम है प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना तो आप भी देर न करिए. कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर रजिस्ट्रेशन करवाईए. आधा प्रीमियम मोदी सरकार खुद वहन कर रही है.

योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ९ अगस्त को की थी. इसमें अब तक देश भर में १६,६७,८८४ किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन २६ से ३५ साल के किसानों ने करवाया है. ऐसे किसानों की संख्या ६,३३,२३० है. १८ से २५ साल तक के ३,४०,८४६ किसान रजिस्टर्ड हुए हैं. ३६ से ४० साल की उम्र वर्ग में कम किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ. महिला किसान इस मामले में थोड़ा पीछे हैं. इसके तहत प्रतिमाह ३००० रुपये पेंशन मिलेगी

किस राज्य के कितने किसान

बीजेपी शासित राज्यों के किसान मोदी सरकार की इस स्कीम का सबसे ज्यादा फायदा उठा रहे हैं. क्योंकि इनमें योजनाओं का प्रचार-प्रसार हो रहा है. इसमें सबसे अधिक ३,९९,८२१ किसान हरियाणा के हैं. उत्तर प्रदेश के २०६६०६ किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ है. २०५८५७ किसानों के साथ तीसरे नंबर पर बिहार है. झारखंड २०३५६० किसानों के साथ चौथे नंबर पर है. कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इस स्कीम का फायदा लेने वाले टॉप-१० राज्यों में सिर्फ चार गैर भाजपाई हैं.

कौन है योजना के लिए पात्र

यह स्कीम लघु एवं सीमांत किसानों के लिए ही है. यानी वे लोग ही इसके पात्र हैं जिनके पास २ हेक्टेयर तक की कृषि योग्य जमीन है. तो आप भी देर न करिए, क्योंकि इसमें आपको कोई नुकसान नहीं है. आधा प्रीमियम मोदी सरकार दे रही है, आधा ही आपको देना है. जब चाहें तब आप इस स्कीम से बाहर भी आ सकते हैं. इसके लिए आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं
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कितना है प्रीमियम

इसका न्यूनतम प्रीमियम ५५ और अधिकतम २०० रुपये है. अगर पॉलिसी होल्डर किसान की मौत हो गई, तो उसकी पत्नी को ५० फीसदी रकम मिलती रहेगी. रुढ्ढष्ट किसानों के पेंशन फंड को मैनेज करेगा. आपको बता दें कि जितना प्रीमियम किसान देगा उतना ही राशि सरकार भी देगी. इसका न्यूनतम प्रीमियम ५५ और अधिकतम २०० रुपये है. अगर बीच में कोई पॉलिसी छोड़ना चाहता है तो जमा राशि और ब्याज उस किसान को मिल जाएगी. अगर किसान की मृत्यु हो जाती है तो उसकी पत्नी को १५०० रुपए प्रति महीने मिलेगा​

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