दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान का नाम अब अरुण जेटली स्टेडियम होगा

नई दिल्ली। दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान (Firoz Shah Kotla Staduim) का नाम अब बदला जाएगा। बीजेपी के दिवंगत नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) के नाम पर इस मैदान का नाम रखे जाने का एलान डीडीसीए (DDCA) के अध्यक्ष रजत शर्मा (Rajat Sharma) ने किया है। अब इस मैदान को अरुण जेटली स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा। इस मैदान का नाम बदलने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन 12 सितंबर को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय खेल मंत्री किरन रिजिजू भी हिस्सा लेंगे। इसी समारोह में इस स्टेडियम का नाम बदले जाने की घोषणा की जाएगी।

डीडीसीए के अध्यक्ष रजत शर्मा ने कहा कि जिस इंसान के संरक्षण में इस स्टेडियम को फिर से बनाया गया उसके नाम पर स्टेडियम का नाम होने से क्या बेहतर हो सकता है। रजत शर्मा ने आगे कहा कि वो अरुण जेटली का समर्थन और प्रोत्साहन ही था जिसकी वजह से टीम इंडिया को विराट कोहली, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, आशीष नेहरा और रिषभ पंत जैसे खिलाड़ी मिले।

गौरतलब है कि अरुण जेटली (Arun Jaitley) एक अद्भुत खेल प्रशासक भी थे। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में इंटर क्लास क्रिकेट खेलने वाले जेटली 1998 में दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के सदस्य और पैटर्न बने। अगले साल ही वह डीडीसीए के अध्यक्ष बने और दिसंबर 2013 तक इस पद पर बने रहे। वह कई सालों तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के उपाध्यक्ष रहने के साथ 2008 से 2015 तक बीसीसीआइ की कार्यकारी संचालन परिषद के सदस्य भी रहे।
फिरोजशाह कोटला स्टेडियम को नया स्वरूप देने वाले जेटली के अध्यक्ष रहते ही गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली, शिखर धवन, इशांत शर्मा और आकाश चोपड़ा जैसे दिल्ली के कई क्रिकेटर अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमके। अंतरराष्ट्रीय ही नहीं घरेलू क्रिकेटरों के निजी कामों के लिए भी उपलब्ध रहने वाले जेटली ने 2014 में मोदी सरकार में वित्त मंत्री बनने के बाद खुद को आधिकारिक तौर पर क्रिकेट राजनीति से अलग कर लिया था लेकिन इसके बावजूद बीसीसीआइ व डीडीसीए के चुनाव में ही नहीं भारतीय क्रिकेट के नीतिगत फैसलों में उनका दखल सबसे ज्यादा था।