पाक जनता को सम्बोधित करते इमरान खान ने भारत को दी परमाणु युद्ध की धमकी

इस्‍लामाबाद। सभी अंतरराष्‍ट्रीय मंचों पर मुंह की खाने के बाद और पेरिस में जी-7 समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की बातचीत के बाद पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार शाम को राष्‍ट्र को संबोधित किया है। पाकिस्‍तान की बदतर हालत से ध्‍यान हटाने के लिए नया राग अलापना शुरू कर दिया है। इमरान खान ने भारत के खिलाफ युद्ध और परमाणु‍ हथियार के प्रयोग की धमकी दी। संबोधन में इमरान खान ने की मुस्लिम कार्ड खेलने की कोशिश की।

पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने कहा कि मैं आज कश्मीर पर बात करने आया हूं। भारत एक कदम बढ़ाएगा तो हम 2 बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत-पाक के बीच बातचीत से कश्मीर मुद्दा सुलझेगा। हम वार्ता चाहते हैं लेकिन भारत आतंकवाद की बात उठा देता है।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तान दोनों देशों को प्रभावित करेगा। हम अपने मुल्क में शांति और तरक्की चाहते हैं। भारत और पाकिस्तान को दोनों मुल्कों को शांति और विकास की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर पीएम नरेंद्र मोदी से बहुत बड़ी गलती हुई है। हमने कश्‍मीर मुद्दे को अंतरराष्‍ट्रीयकरण कर दिया। कश्‍मीर मुद्दे पर मुस्लिम देशों से बातचीत करुंगा।

पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने संघ और भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों पर जुल्म हो रहा है। उन्होंने बाबरी मस्जिद और लिंचिंग मुद्दे का जिक्र किया। भारत हमेशा पाकिस्तान पर आरोप लगाने के मौके तलाशता है। इमरान खान ने कहा कि कश्मीर पर फैसला लेने का वक्त आ गया है। कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने में हम सफल रहे हैं। अब भारत बालाकोट जैसे हमले नहीं दोहरा सकता है। हम पीओके में पूरी तरह तैयार हैं।

पेरिस में पीएम मोदी ने भारत और पाकिस्तान के बीच सारे मुद्दे द्विपक्षीय हैं। इसमें हम दुनिया के किसी भी देश को कष्ट नहीं देते हैं। भारत और अमेरिका लोकतांत्रिक मूल्यों वाले देश हैं। हम दुनिया की भलाई के लिए मिलकर काम करेंगे।

वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने व्यापार के बारे में बात की हैं, हमने सैन्य और कई अलग-अलग चीजों के बारे में बात की हैं। हमने बहुत अच्छी चर्चाएं कीं। हम रात के खाने के लिए एक साथ थे और मैंने भारत के बारे में बहुत कुछ सीखा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने द्विपक्षीय बैठक के दौरान मजाक करते हुए कहा कि पीएम मोदी वास्तव में बहुत अच्छी अंग्रेजी बोलते हैं, बस वह बात नहीं करना चाहते हैं।