लाल किले की प्राचीर से मोदी ने कहा- जो 70 साल में नहीं हुआ, वो 70 दिन में होगा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले पर लगातार छठवीं बार ध्वजा रोहण करते हुए देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयेपी के बाद ऐसा करने वाले पीएम मोदी दूसरे बीजेपी नेता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के जवानों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद पीएम मोदी लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ गए थे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।

देश को दिए संबोधन में उन्होंने यह कहा

  • भारत अपने छोटे बच्चों को असहाय नहीं छोड़ सकता है। उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना जरूरी है।

  • हमने पांच साल लगातार प्रयास करके आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों पर बल देने का प्रयास किया, लेकिन वक्त बदलता है। अब जरूरतों के साथ आकाक्षांओं को पूरा करने का वक्त आ गया है।

  • 2014 में मैं देश के लिए नया था। 2014 से पहले मैंने भारत भ्रमण करके देश की समस्याओं को जानने का प्रयास किया था। तब देश में निराशा थी। लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि देश कभी बदल सकता है।

  • दिल दिमाग में सिर्फ मेरा देश, इस भावना के साथ चलते रहे और काम करते रहे। फिर 2019 में चुनाव में जनता के बीच गए। इस बार देश का आम आदमी, खुद जनता चुनाव लड़ रही थी।

अनुच्छेद 370 के खात्मे और तीन तलाक को बताया बड़ा कदम

  • प्रधानमंत्री ने कहा कि नई सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में भी हर क्षेत्र में काम किया जा रहा है। 10 हफ्ते के भीतर ही अनुच्छेद 370, 35ए को हटाकर सरदार वल्लभ भाई पटेल के सपनों को साकार करने में एक कदम है।

  • प्रधानमंत्री ने अनुच्छेद 370 और 35-ए पर कहा कि अब समस्याओं को टालने और पालने का समय नहीं है। जो काम बीते 70 साल में नहीं हुआ, वो काम नई सरकार ने 70 दिनों में करके दिखा दिया। संसद के दोनों सदनों ने दो तिहाई बहुमत के साथ इसे पार कर दिया।

  • PM ने कहा कि मुस्लिम बहनों के हित के लिए तीन तलाक को खत्म किया गया और बिल लाया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुस्लिम बहनों पर हमेशा तीन तलाक के डर की तलवार लटकती रहती थी। दुनिया के कई मुस्लिम देशों ने इस कुप्रथा को खत्म कर दिया था, लेकिन किसी कारणवश भारत में इस काम में देरी हो गई।

जो काम 70 साल में नहीं हुआ, वह 70 दिन में होगा
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 70 साल में हर सरकार ने अपना काम काम किया, लेकिन आशा के अनुरूप परिणाम नहीं मिले। बीते 70 साल में कश्मीर में कुछ व्यवस्थाओं ने आतंकवाद, परिवारवाद और भ्रष्टाचार आदि को बढ़ावा मिला है। देश के बाकी नागरिकों को जो अधिकार मिलते हैं, वो कश्मीर में अभी तक नहीं मिल पाते थे। जो काम 70 साल में नहीं हुआ, वह 70 दिनों में होगा।