313 आंगनबाड़ियों में होगी प्री-नर्सरी की पढ़ाई

भोपाल। राज्य सरकार आंगनबाड़ियों में पोषण आहार देने के साथ छह साल तक के बच्चों को स्कूली पढ़ाई के लिए तैयार भी करेगी। प्रदेश की 313 आंगनबाड़ियों में 15 अगस्त से प्री-स्कूल लर्निंग सेंटर शुरू किए जा रहे हैं। यह सेंटर प्रयोग के तौर पर खोले जा रहे हैं। इनमें प्री-नर्सरी की तरह पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग स्थानीय स्तर पर शिक्षक भी रखेगा। यह जानकारी शुक्रवार को विभाग की मंत्री इमरती देवी ने दी। वे शहर की एक होटल में पत्रकारों से बात कर रही थीं।

एक सवाल पर मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की तुलना में आंगनबाड़ियों की सुविधाएं बेहतर की गई हैं। निजी भवन में चल रही आंगनबाड़ियों का किराया नहीं चुका पाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि वर्तमान में किसी भी आंगनबाड़ी का किराया बकाया नहीं है। ठेकेदारों से पोषण आहार लेने के मामले में मंत्री ने कहा कि अब स्व-सहायता समूहों से काम कराया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली है।

मीडिया के कई सवालों के जवाब विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन ने दिए। संपर्क एप को लेकर राजन ने कहा कि यह एप सीडीपीओ और सुपर वाइजरों की निगरानी के लिए बनाया गया है। वे निरीक्षण करने आंगनबाड़ी जाएंगे, तो अपने फोन से सेल्फी लेंगे।

इससे राज्य और जिला स्तर पर बैठे अफसरों को पता चल जाएगा कि किसने कब निरीक्षण किया। इससे आंगनबाड़ियों के कामकाज में कसावट आएगी। उन्होंने बताया कि 22 हजार कर्मचारियों को सरकारी मोबाइल दिए गए हैं, शेष को भी दिए जाएंगे। राजन ने बताया कि जहां नेटवर्क की दिक्कत है, वहां पुराने पैटर्न पर ही निरीक्षण किया जाएगा। हालांकि ऐसी स्थिति बहुत कम जगह पर है।

प्रदेश में कुपोषण की स्थिति पर मंत्री और प्रमुख सचिव ने कहा कि पिछले 12 सालों में इसमें तेजी से सुधार आया है, जो लगातार जारी है। वहीं, घोषणाओं के बारे में पूछने पर मंत्री इमरती देवी ने इशारों ही इशारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 15-15 लाख रुपए खाते में आने और एक हजार से ज्यादा घोषणाएं करने वालों से तो सवाल नहीं किया। हमसे क्यों?