गांव में युवा ‘शक्ति’ नाम का संगठन बनाएगी कमलनाथ सरकार, मिलेगा यह लाभ

भोपाल। युवाओं को सरकार के साथ जोड़ने के लिए कमलनाथ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में युवा शक्ति संगठन के नाम से नेटवर्क खड़ा करेगी। हर पंचायत स्तर पर 10 से 15 युवाओं का संगठन होगा। इसमें 35 साल तक के युवाओं को रखा जाएगा।

इन्हें योजनाओं की निगरानी के साथ सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को नीचे तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मिलेगी। संगठन के युवाओं को बैठकों में शामिल होने के लिए विशेष भत्ता दिया जाएगा। इस कार्यक्रम को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग चलाएगा। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक सरकार में प्रचार-प्रसार की कमी महसूस की जा रही है। मंत्रियों ने मंगलवार को कैबिनेट में भी इस मुद्दे को उठाया। यही वजह है कि सरकारी तंत्र के समानांतर व्यवस्था बनाने की रण्ानीति पर कुछ विभाग काम कर रहे हैं।

कृषि विभाग के तहत हर दो पंचायतों में कृषक बंधु नियुक्त करने का मसौदा लगभग तैयार कर लिया गया है। इसमें कृषक बंधुओं के माध्यम से कर्जमाफी से लेकर खेती से जुड़ी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचने का काम होगा। इन्हें एक निश्चित मानदेय भी दिया जाएगा।

वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पंचायत स्तर पर युवा शक्ति संगठन खड़ा करेगा। इसमें 35 साल तक के 10 से 15 तक युवाओं को शामिल किया जाएगा। इन्हें ग्रामीण विकास की योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने के साथ सरकार की अन्य योजनाओं के प्रचार-प्रसार का काम सौंपा जाएगा। बैठकों में शामिल होने के लिए भत्ता देने की व्यवस्था भी रहेगी। इसके लिए कैबिनेट में जल्द ही प्रस्ताव रखा जाएगा।

कांग्रेस समर्थकों को मिलेगी तवज्जो

सूत्रों का कहना है कि चाहे कृषक बंधु हो या फिर युवा शक्ति संगठन, इनमें कांग्रेस समर्थकों को तवज्जो मिलेगी। संगठन और जनप्रतिनिधियों से इसके लिए नाम भी मांगे जा सकते हैं। दरअसल, कमलनाथ सरकार आने के बाद से लगातार यह बात सामने आ रही है कि कार्यकर्ता और पार्टी समर्थकों को सत्ता से किसी न किसी रूप में जोड़ा जाएगा।

इन व्यवस्थाओं के अलावा जिला सरकार का फार्मूला भी लागू किया जा रहा है। इसमें भी स्थानीय लोगों को भरपूर तवज्जो मिलेगी। उधर, कॉलेजों की जनभागीदारी समितियों में भी पार्टी समर्थकों को स्थान देने की तैयारी चल रही है। शिवराज सरकार में भी भाजपा कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में इनमें मौका दिया गया था।