दुःखद खबर: पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन

दुखद खबर है पूर्व विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज का निधन हो गया है।

नई दिल्ली।पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मंगलवार रात सीने में दर्द की शिकायत के बाद एम्स में भर्ती किया गया था। पांच डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही थी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन एम्स पहुंच चुके हैं। कुछ ही देर में नितिन गडकरी भी एम्स पहुंचेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक सुषमा स्वराज की हालत नाजुक बनी हुई थी उन्हें नहीं बचाया जा सका।

इससे पहले सुषमा ने कश्मीर मुद्दे पर फैसले के लिए तीन घंटे पहले ही मोदी को बधाई देता ट्वीट किया था।

Sushma Swaraj

@SushmaSwaraj

प्रधान मंत्री जी – आपका हार्दिक अभिनन्दन. मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी. @narendramodi ji – Thank you Prime Minister. Thank you very much. I was waiting to see this day in my lifetime.

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सुषमा ने सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देते हुए यह ट्वीट किया था।

Sushma Swaraj

@SushmaSwaraj

गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को उत्कृष्ट भाषण के लिए बहुत बहुत बधाई.

I congratulate the Home Minister Shri @AmitShah ji for his outstanding performance in Rajya Sabha.

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पहला चुनाव 1977 में लड़ा था

सुषमा ने सबसे पहला चुनाव 1977 में लड़ा। तब वे 25 साल की थीं। वे हरियाणा की अंबाला सीट से चुनाव जीतकर देश की सबसे युवा विधायक बनीं। उन्हें हरियाणा की देवीलाल सरकार में मंत्री भी बनाया गया। इस तरह वे किसी राज्य की सबसे युवा मंत्री रहीं।

1998 में दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं
नब्बे के दशक में सुषमा राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हो गईं। अटलजी की सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया। 1998 में उन्होंने अटलजी की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। हालांकि, इसके बाद हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा हार गई। पार्टी की हार के बाद सुषमा ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी और राष्ट्रीय राजनीति में लौट आईं।

1999 में बेल्लारी लोकसभा सीट पर सोनिया से हारीं
1996 में हुए लोकसभा चुनाव में सुषमा दक्षिण दिल्ली से सांसद बनी थीं। इसके बाद 13 दिन की अटलजी की सरकार में उन्हें केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनाया गया। मार्च 1998 में दूसरी बार अटलजी की सरकार बनने पर वे एक फिर से आईबी मिनिस्टरबनीं। 1999 में उन्होंने बेल्लारी लोकसभा सीट पर सोनिया के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन वे यहां हार गईं।