Salute: पुलिस ने टूटे सिम से खोल दी डबल मर्डर की मिस्ट्री

वेब डेस्क। कातिल चाहे कितना ही शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सुराग जरूर छोड़ जाता है। उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने सत्संगी दंपति के दोहरे हत्याकांड ऐसी ही गुत्थी को सुलझा लिया है। इस डबल मर्डर में भी कातिल ने कई अहम सुराग छोड़े। जिनके जरिये पुलिस ने कत्ल के रहस्य से पर्दा उठा दिया। घटना से पांच घंटे पहले कातिल का मोबाइल बंद हो जाना। रूपा सत्संगी से रोज मोबाइल पर बात करना लेकिन कत्ल वाले दिन कोई काल न होना। घर से फरार हो जाना। तमाम ऐसे अहम सुराग थे। जिनकी कड़ियों को पुलिस जोड़ती चली गई और एक सप्ताह के भीतर मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश हो गया।

मृतकों के मोबाइल भी लेकर फरार हो गया था हत्यारोपी
अनुराग हत्या करने के बाद रूपा सत्संगी और उनके पति नीरज सत्संगी की भी हत्या कर उनके मोबाइल लेकर फरार हो गया था। हालांकि उसने दोनों के मोबाइल नंबर खोले नहीं और न ही उन नंबरों का इस्तेमाल किया।

रूपा की बैंक से आटो चालक पर घूमी कत्ल के संदेह की सुई
पुलिस जब बैंक अधिकारियों और रूपा के साथ काम करने वाले सहकर्मियों से पूछताछ कर रही थी। तभी पुलिस को पता लगा कि एक आटो वाला रूपा सत्संगी को परमानेंट लाता और ले जाता था। पुलिस ने जब उसके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की तो नौकरानी के जरिये उसका नाम और पता पुलिस को मिला। इसके बाद पुलिस ने उसका मोबाइल नंबर तलाश। मोबाइल नंबर रूपा सत्संगी की कॉल डिटेल में भी आ गया। छानबीन में पता लगा कि रूपा सत्संगी और अनुराग की रोज मोबाइल पर बात होती थी। अनुराग घटना की रात से ही घर से फरार था। जिस वजह से हत्या का सबसे प्राइम एक्यूजड अनुराग ही था।

गुलमोहर पार्क की रहने वाली रूपा सत्संगी ने राजेंद्रनगर के ऑटो चालक अनुराग के साथ मिलकर पति नीरज की हत्या की योजना बनाई थी। अनुराग ने 24 जुलाई को शाम पांच बजे ही अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। इसके बाद रात दस बजे सत्संगी दंपति के घर पहुंचा। वहां उसने कान के पास मोबाइल लगाकर बात करने का नाटक किया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद अनुराग सीधे दिल्ली पहुंचा। वहां उसने अपना मोबाइल बेच दिया, लेकिन उसमें से सिम निकाल लिया। दूसरा नया मोबाइल खरीदा। उसे चेक करने के लिये पुराना सिम डाला। उससे एक कॉल की। तब तक पुलिस अनुराग को ट्रेस कर चुकी थी।

उसके मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया जा चुका था। जैसे ही उसने मोबाइल बदला, पुलिस को उसके पुराने सिम के जरिये आईएमईआई नंबर की जानकारी हो चुकी थी। हालांकि अनुराग ने शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुये पुराने सिम को तोड़ दिया। अब नये मोबाइल में नई सिम थी, लेकिन एक कॉल पुराने सिम से करने की वजह से वह पुलिस के रडार पर आ चुका था। पुलिस ने सर्विलांस के जरिये उसकी लोकेशन दिल्ली में ट्रेस कर ली। इसके बाद पुलिस टीम दिल्ली चली गई। सर्विलांस के जरिये लोकेशन ट्रेस करते हुये और पीछा करते हुये उसे गिरफ्तार कर लिया।

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