Alert : MP में 24 घंटे में 27 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल। प्रदेश में पिछले 24 घंटे से सागर व जबलपुर संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी है। इधर, मौसम विभाग ने 27 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें से कुछ जिलों में अति भारी बारिश होने की संभावना है।

इसमें इंदौर, धार, अलीराजपुर, होशंगाबाद, सीहोर, गुना, उज्जैन, छिंदवाड़ा, हरदा, राजगढ़, नीमच, रतलाम, अशोकनगर, आगर, श्योपुरकलां, बालाघाट, अनूपपुर, डिंडोरी, विदिशा, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, झाबुआ, बुरहानपुर, शाजापुर, मंदसौर और सिवनी शामिल हैं। इधर, भोपाल का मौसम खुशनुमा हो गया है। यहां रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिक पीके शाह ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में आगामी 24 घंटे में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।

पिछले 24 घंटे में यहां हुई 6 सेमी से अधिक बारिश

पिछले 24 घंटे में बदनावर में 11, खंडवा में 10, लटेरी, देपालपुर, खजुराहो में 9, सिरीज, सैलाना, भैंसदेही में 7, बड़नगर, पचमढ़ी, श्योपुरकलां व सीहोर में 6 सेमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानियों के अनुसार उत्तर पश्चिम मध्यप्रदेश एवं पूर्वी राजस्थान में सोमवार को ऊपरी हवाओं में 4.5 किलोमीटर का एक चक्रवाती घेरा बन गया। इससे मानसून की ट्रफ लाइन बीकानेर, सवाईमाधोपुर से मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ से होते हुए छत्तीसगढ़ व ओडिशा से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। जिससे अच्छी बारिश होने की संभावना है।

ये हैं मप्र के मौसम को प्रभावित करने वाले चार कारक

    • पहला : मानसून द्रोणिका समुद्र तल से जैसलमेर, भीलवाड़ा, उमरिया, पेंड्रा रोड संबलपुर, चांद बली से लेकर बंगाल की खाड़ी तक गई है।
    • दूसरा : हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना है, जो उत्तरी ओडिशा एवं उससे लगे गंगा तट के पश्चिम बंगाल और झारखंड से होते हुए जा रहा है। जो दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है।
    • तीसरा : हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात दक्षिणी राजस्थान व उससे लगे इलाके में बना हुआ है, जो 3.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक है, जो दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है।
    • चौथा : एक द्रोणिका दक्षिण राजस्थान से ओडिशा के बीच बनी है, जो मध्य प्रदेश व उत्तरी छत्तीसगढ़ से होकर जा रही है। जो 3.1 से 7.6 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर है और दक्षिण दिशा की ओर झुकी हुई है।

    क्या होती है भारी बारिश और अति भारी बारिश

    जब किसी शहर में 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.6 मिलीमीटर तक बारिश होती है, तो इसे भारी बारिश की श्रेणी में रखा जाता है। जबकि, 115.6 मिलीमीटर से 204.5 मिलीमीटर तक बारिश होने पर इसे अति भारी बारिश कहा जाता है।