आगरा में इकट्ठे हुए देशभर के महापौर, सराहे गए कटनी मेयर शशांक श्रीवास्तव के सुझाव

आगरा/कटनी। विश्व प्रसिद्ध ताज नगरी आगरा में आज देश भर के महापौर इकट्ठे हुये। आगरा में 2 दिवसीय 50 वां राष्ट्रीय मेयर काउंसिल अधिवेशन आयोजित किया गया था जिसमे कटनी महापौर शशांक श्रीवास्तव शामिल हुए। अधिवेशन का शुभारंभ उत्तराखंड की राज्यपाल महामहिम बेबी रानी मौर्य ने किया। दो दिवसीय इस अधिवेशन में देशभर के 103 महापौर शामिल हुये। अधिवेशन में उत्तरप्रदेश के उप मुख्यमंत्री केश्वप्रसाद मौर्य तथा दिनेश शर्मा ने भी शिरकत की। गौरतलब है कि दिनेश शर्मा करीब 11 वर्षों तक लखनऊ महानगर पालिका के मेयर रह चुके हैं।

महापौरों के अधिकार को लेकर चर्चा

50 वें मेयर काउंसिल अधिवेशन में देश भर से जुटे महापौरों ने अपने अधिकारों को लेकर विमर्श किया साथ ही अपने अपने शहरों में किये गए नवाचारों को भी सभी के समक्ष प्रस्तुत किया। देशभर के मेयर्स ने राज्यों में मेयर के अधिकारों में इजाफा को लेकर अपने विचार व्यक्त भी किये। महापौरों ने कहा कि विभिन्न राज्यों में सरकारों ने महापौर के अधिकार को लेकर गम्भीरता नहीं बरती कुछ राज्य इसमे अपवाद भी हैं। जिन राज्यों में मेयर्स को अधिकार ज्यादा हैं वहां विकास भी अधिक साफ परिलक्षित होता है। इसी क्रम में कटनी महापौर शशांक श्रीवास्तव ने भी अपना प्रभावी उद्बोधन देते हुए महापौरों के अधिकार तथा शहर विकास में आने वाली चुनोतियों को बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया।

74 वें संसोधन पर कटनी मेयर के उद्बोधन को मिली सराहना, मीडिया ने प्रमुखता से उठाया

उत्तराखंड की राज्यपाल महामहिम बेबी रानी मौर्य और भोपाल, देवास मुरैना महापौरो के साथ शशांक श्रीवास्तव

आगरा में आयोजित राष्ट्रीय 50 वे मेयर काउंसिल अधिवेशन में कटनी महापौर शशांक श्रीवास्तव ने नगर सरकार को अधिकार सम्पन्न बनाने राज्यों में संविधान के 74 वें संसोधन को लागू करने को प्रमुखता से उठाया। उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश में भी यह संसोधन अब तक लागू नहीं हो सका है। मेयर शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 74 वें संसोधन लागू होने के बाद नगर सरकार और महापौर के अधिकार बढ़ गए जिसके बाद यहां विकास और अधिक प्रभावी हुआ। मध्यप्रदेश में इस संसोधन के बाद शहर की सरकार स्वयं निर्णय लेती है, स्वयं अपना बजट बनाती है साथ ही सरकारी तंत्र का भी इसमें ज्यादा हस्तक्षेप नहीं रहता। छोटे छोटे कामों के लिए नगर सरकार स्वयं उत्तरदायी भी होती है और जन आकांक्षाओं के अनुरूप इन कार्यों को आसानी के साथ किया जाता है। श्री श्रीवास्तव के इस प्रभावी उद्बोधन के बाद काउंसिल ने एजेंडा पास किया जिसमे कहा गया कि देश भर के महापौर इस मसले पर प्रधानमंत्री से मिलकर 74 वें संविधान संसोधन को अनिवार्य बनाने की मांग रखेंगे।

कटनी मेयर को मीडिया ने दी तरजीह

महापौर शशांक श्रीवास्तव के इस अधिवेशन में विचारों से स्थानीय मीडिया काफी प्रभावित नजर आई। कटनी मेयर के इस उद्बोधन को मीडिया ने प्रमुखता से उठाया तथा कई मीडिया समूहों ने श्री श्रीवास्तव से इस मसले पर साक्षात्कार भी लिया।

कहीं 1 वर्ष तो कहीं ढाई वर्ष के मेयर

मेयर काउंसिल के अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के नगरों में महापौरों के कार्यकाल को लेकर भी चर्चा हुई। इसमे गुजरात महाराष्ट्र का जिक्र आया जहां महापौर का कार्यकाल ढाई वर्ष तो वहीं केंद्र शासित राज्य में महापौर का कार्यकाल एक वर्ष रहने पर भी सभी ने निर्णय लिया कि एक देश एक कानून की तरह देश मे महापौर का कार्यकाल भी सभी जगह 5 वर्ष का निर्धारित होना चाहिये।

शेजवलकर की जगह नवीन जैन बने काउंसिल के अध्य्क्ष 

मेयर काउंसिल के नव निर्वाचित अध्यक्ष आगरा महापौर नवीन जैन के साथ

अधिवेशन में निवर्तमान अध्य्क्ष ग्वालियर महापौर विवेक शेजवलकर ने स्वयं के सांसद चुने जाने के बाद काउंसिल के अध्य्क्ष पद स्वेच्छा से छोड़ने की इच्छा जताई जिसके बाद सर्वसम्मति से आगरा के मेयर नवीन जैन को काउंसिल के नया अध्य्क्ष चुना गया।

वर्तमान महापौर के साथ पूर्व मेयर भी हैं सदस्य

मेयर काउंसिल में देश भर के पूर्व और वर्तमान महापौर सदस्य हैं इस काउंसिल के संरक्षक भोपाल के पूर्व महापौर उमाशंकर गुप्ता है जिन्होंने काउंसिल के गठन के साथ देश भर के महापौरों को एकजुट करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।