मंत्री ने टेलीकॉम ऑपरेटरों से कहा- 43,000 गांवों में एक वर्ष में पहुंचाना होगा दूरसंचार नेटवर्क

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह टेलीकॉम क्षेत्र में किसी तरह के एकाधिकार को स्वीकार नहीं करेगी। सरकार इस क्षेत्र की सभी कंपनियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की हिमायती है। सरकार ने देश को पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में टेलीकॉम कंपनियों से सहयोग मांगा है।

सरकार ने सभी टेलीकॉम कंपनियों से कहा है कि वे सेवा की गुणवत्ता में सुधार और 5जी को लागू करने में ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करें। सरकार ने कंपनियों को एक वर्ष में उन सभी गांवों को दूरसंचार सेवाओं के दायरे में लाने का काम सौंपा है, जहां अभी तक ये सुविधाएं नहीं हैं।

टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ बैठक में केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी तथा कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कंपनियों को सरकार के पूरे समर्थन का भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि शुल्क में कटौती और रिफंड जैसे बकाया मुद्दों पर सरकार का पूरा समर्थन है।

प्रसाद ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने कंपनियों से कहा है कि 5जी में इनोवेशन, स्टार्ट-अप और उत्पादों के सृजन पर जोर दें, ताकि देश आधारित पेटेंट तैयार हो सके। पांच लाख करोड़ डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में कम से कम 25 फीसद हिस्सेदारी टेलीकॉम कंपनियों की होनी चाहिए।’

प्रसाद के साथ हुई बैठक में भारती एयरटेल के सीईओ गोपाल विट्टल, वोडाफोन आइडिया के बालेश शर्मा, रिलायंस जियो के बोर्ड के सदस्य महेंद्र नाहटा और बीएसएनएल चेयरमैन पीके पुरवार मौजूद थे।

संचार मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद प्रसाद की उद्योग के साथ यह पहली बैठक थी। बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि टेलीकॉम उद्योग इस वक्त सात लाख करोड़ रुपये के कर्ज के साथ भारी वित्तीय दबाव का सामना करना रहा है।

प्रसाद के साथ हुई बैठक में भारती एयरटेल के सीईओ गोपाल विट्टल, वोडाफोन आइडिया के बालेश शर्मा, रिलायंस जियो के बोर्ड के सदस्य महेंद्र नाहटा और बीएसएनएल चेयरमैन पीके पुरवार मौजूद थे।

संचार मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद प्रसाद की उद्योग के साथ यह पहली बैठक थी। बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि टेलीकॉम उद्योग इस वक्त सात लाख करोड़ रुपये के कर्ज के साथ भारी वित्तीय दबाव का सामना करना रहा है।

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