#BS Yediyurappa’ किस्मत बदलने के फेर में फंसे येदियुरप्पा !, ‘d’ और ‘y को किया बर्खास्त

वेब डेस्‍क। राजनीति की किस्‍मत से मिलती है ये बात तो बखूबी येदियुरप्पा को मालूम है फिर भी कहीं कोई कमी न रह जाए इसलिए येदियुरप्पा ने अपने नाम से दो अक्षरों को बर्खास्त कर दिया ।
येदियुरप्पा के नाम की स्पेलिंग बदलने की कहानी बड़ी दिलचप्स है. दरअसल जो नाम की स्पेलिंग उन्होंने अभी बदली है वहीं उनका पुराना नाम था. किस्मत बदलने के फेर में फंसे येदियुरप्पा! अपने नाम की बदली स्पेलिंग उन्होंने अपने नाम से अब एक ‘d’ और ‘y’ को बाहर निकाल दिया है

कहते हैं नाम में क्या रखा है…लेकिन नाम की क्या है असली अहमियत ये कोई बीएस येदियुरप्पा से पूछे. 76 साल के येदियुरप्पा चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने जा रहे है, लेकिन उन्हें शायद ये भरोसा नहीं है कि वो आखिर कितनों दिनों तक सीएम की कुर्सी पर बने रहेंगे. लिहाजा इस बार अच्छी किस्मत के लिए उन्होंने अपने नाम की स्पेलिंग में फेरबदल कर ली है.

बदल गई स्पेलिंग
पिछले साल कर्नाटक में विधानसभा चुनाव में जब येदियुरप्पा ने अपना नामंकन भरा था, तो उन्होंने अंग्रेजी में अपने नाम की स्पेलिंग BS Yeddyurappa लिखी थी. लेकिन अब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले उनके नाम की स्पेलिंग बदल गई है. उन्होंने शुक्रवार को जब सरकार बनाने के लिए राज्यपाल को चिट्ठी लिखी उसमें नाम की स्पेंलिग अलग दिखी. उन्होंने अपने नाम से अब एक ‘d’ और ‘y’ को बाहर निकाल दिया है. यानी अब अंग्रेंजी में वो अपना नाम ‘BS Yediyurappa’ लिख रहे हैं.

नाम के चक्कर में फंस गए येदियुरप्पा!

येदियुरप्पा के नाम की स्पेलिंग बदलने की कहानी बड़ी दिलचप्स है. दरअसल जो नाम की स्पेलिंग उन्होंने अभी बदली है वहीं उनका पुराना नाम था. इसी नाम की स्पेलिंग के साथ उन्होंने पहली बार 1975 में चुनाव जीता था. इसी स्पेलिंग के सहारे वो साल 2007 में पहली बार 7 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने. लेकिन इसके बाद उन्होंने किसी न्यूमेरोलॉजिस्ट की सलाह पर अपने नाम को बदल कर BS Yeddyurappa कर लिया.
किस्मत का खेल!
साल 2007 में वो 7 दिनों के लिए सीएम बने. दूसरी बार मई 2008 में उन्हें फिर से सीएम बनने का मौका मिला, लेकिन एक बार फिर से तीन साल बाद ही भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उन्हें समय से पहले अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी. साल 2018 में वो सिर्फ 48 घंटे के लिए सीएम रहे. इस बार उन पर तलवार लटक रही है. बहुमत साबित करना भी उनके लिए आसान नहीं होगा.

लेटर

ऐसे में कहा जा रहा है कि किसी ज्योतिषी उन्हें सलाह दी कि उन्हें फिर से अपने नाम की स्पेलिंग का इस्तेमाल करना चाहिए. लिहाजा उन्होंने इस बार स्पेलिंग बदल ली.