नामांतरण के लिए पटवारी ने ली रिश्वत, लोकायुक्त टीम ने पकड़ा

गुना/बीनागंज। ग्वालियर से आई लोकायुक्त पुलिस की टीम ने गुरुवार को एक पटवारी को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। यह कार्रवाई चांचौड़ा कस्बे में की गई है। पटवारी ने प्लॉट का नामांतरण कराने के बदले तहसीलदार बजरंग बहादुर सिंह को देने के लिए यह राशि ली थी। तहसीलदार की कोर्ट में ही नामांतरण का प्रकरण चल रहा था। लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

लोकायुक्त टीआई कविंद्र सिंह चौहान ने बताया कि चांचौड़ा में रहने वाले विनय भदौरिया ने 23 जुलाई को लोकायुक्त पुलिस के पास ग्वालियर में शिकायत की थी। इसमें इन्होंने बताया था कि चांचौड़ा में मैंने प्लॉट खरीदा है, उसके नामांतरण का प्रकरण चांचौड़ा तहसीलदार बजरंगबहादुर सिंह के कोर्ट में चल रह है। 26 जुलाई को कोर्ट में इसकी सुनवाई होनी है।

नामांतरण कराने के बदले चांचौड़ा के हल्का नंबर 12 में पदस्थ पटवारी शिवप्रताप सिंह उर्फ संजू ने 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की है। पटवारी ने कहा कि यह रुपए देकर तहसीलदार से काम करा दूंगा। इसके बाद आवेदक विनय भदौरिया की शिकायत दर्ज कर ली और उनको एक टेप रिकॉर्डर दिया गया, जिसमें पटवारी से लेनदेन की बात को 24 जुलाई को रिकॉर्ड किया गया।

गुरुवार को विनय भदौरिया चांचौड़ा कस्बे में आरबी शर्मा किराए के मकान में रहने वाले पटवारी शिवप्रताप सिंह को रिश्वत की यह राशि देने के लिए पहुंचे। यहां इन्होंने घर के बाहर पटवारी को अपनी कार में बुलाया। पटवारी ने कार में बैठकर रिश्वत की राशि ले ली।

रुपए लेते ही पहले से ही मौजूद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने इनको पकड़ लिया। इसके बाद घर के अंदर बैठाकर कार्रवाई की गई। टीआई श्री चौहान का कहना है कि पटवारी ने तहसीलदार को देने के लिए रिश्वत ली थी। प्रकरण की जांच में साक्ष्य सामने आने पर तहसीलदार को भी आरोपित बनाया जाएगा।