हाइवे के निर्माण में किसानों की गई जमीनें, नहीं मिला मुआवजा

Narsinghpur : जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 12 भोपाल – जबलपुर के करीब 64 किमी फोरलेन निर्माण कार्य में कई किसानों को अब तक प्रभावित रकबे का मुआवजा नहीं मिल सका है। वहीं नौरादेही अभ्यारण्य क्षेत्र के उन लगभग साढ़े 6 हजार पेड़ों की कटाई भी नहीं हो सकी है जो फोरलेन बनने से प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को मुआवजा न मिलने और पेड़ों की कटाई का कार्य समय पर न होने से निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

जिले की सीमा में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 12 का हिरन नदी से सिंदूर नदी तक 64 किमी सीमेंट क्रांकीट फोरलेन निर्माण कार्य शुरू हुए कई महिने हो गए है। लेकिन निर्माण कार्य से प्रभावित तेंदूखेड़ा और नरसिंहपुर अनुभाग के कई किसानों को अब तक प्रभावित रकबे का मुआवजा नहीं मिल सका है। जिससे न केवल निर्माण कार्य जोर नहीं पकड़ पा रहा है बल्कि किसान भी प्रभावित रकबे का मुआवजा पाने के लिए कहीं तहसील तो कहीं एनएचएआई के अधिकारियों के चक्कर लगाने लाचार है।

बताया जाता है कि फोरलेन निर्माण से प्रभावित होने वाले रकबे के लिए कई बार नापजोख की कार्रवाई हुई और किसानों ने शिकवा – शिकायतें भी दर्ज कराईं। बावजूद इसके किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।

अभ्यारण के पेड़ कटने का इंतजारः

हिरन नदी से राजमार्ग के बीच फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान वन विभाग के भी सैकड़ों पेड़ कटना है साथ ही करीब साढ़े 6 हजार पेड़ नौरादेही अभ्यारण्य क्षेत्र के है जिन्हें कटवाने की मंजूरी एनएचएआई को मिल गई है लेकिन अभ्यारण्य द्वारा इन पेड़ों को अब तक नहीं कटवाया गया है।

जिससे अभ्यारण्य क्षेत्र से लगे हाइवे पर भी निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। हालांकि निर्माण कंपनी द्वारा हाइवे के दोनों तरफ रोड की खुदाई कर समतलीकरण एवं अन्य कार्य कराए जा रहे हैं जिसमें आसपास की मिट्टी-मुरम खोदकर भी डाली गई है जो कई स्थानों पर आवाजाही में परेशानी बढ़ा रही है।

जर्जर पुलों से निकल रहे ठेकेदार के वाहन

तेंदूखेड़ा – राजमार्ग के बीच हाइवे के जर्जर पुलों से एनएचएआई ने 10 टन से अधिक वजन लेकर दौड़ने वाले वाहनों के निकलने पर रोक लगा दी है।

लेकिन फोरलेन निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार के डंपर – हाइवा रोजाना इन्ही पुलों से निकल रहे है जिन्हें रोकने कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में कंट्रक्शन कंपनी को भी निर्देश दिए गए है कि वह भारी वाहनों को न निकाले। फोरलेन निर्माण के कार्य कंपनी ही पुलों की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी है। भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए कार्रवाई भी की गई है जिससे बरसात के दौरान कोई बड़ी घटना न हो।

फोरलेन निर्माण से अनुभाग में करीब 15 – 20 गांव के किसान प्रभावित है। कुछ खसरा जरूर हैं जिनके किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका है, एनएचएआई को ही मुआवजा देना है। हमारे पास अभी ऐंसी कोई जानकारी नहीं आई है कि कितने किसान मुआवजे से वंचित है। आरएस राजपूत, एसडीएम, तेंदूखेड़ा