फजीहत : ट्रंप से आज मिलेंगे इमरान खान, स्वागत करने एयरपोर्ट पर नहीं पहुंचा अमेरिका का कोई मंत्री

वाशिंगटन। पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। उनका अमेरिकी राष्‍ट्रपति के साथ लंच का भी कार्यक्रम है। मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो उनसे मिलेंगे। इसके अलावा वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के कार्यकारी प्रमुख डेविड लिप्टन और विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास से भी मुलाकात करेंगे। इस्लामाबाद में राजनयिक सूत्रों ने बताया कि पाक पीएम के एजेंडे में अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया, आतंकियों और उन्हें आर्थिक मदद करने वालों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई और पाक को अमेरिकी सैन्य सहायता बहाल करने का मुद्दा शामिल है।

करना पड़ा फजीहत का सामना

कंगाल अर्थव्यवस्था और आतंकवादियों को संरक्षण देने के दाग के साथ अमेरिका पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को एयरपोर्ट पर फजीहत का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने ट्रंप प्रशासन की तरफ से सिर्फ प्रोटोकाल अफसर मैरी केट फिशर ही मौजूद रहीं। अमेरिका में पहले से मौजूद पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और राजदूत असद मजीद खान भी एयरपोर्ट पर थे। प्रोटोकाल अफसर द्वारा इमरान के स्वागत को व्हाइट हाउस ने सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बताया है, लेकिन मौजूदा हालात में इसे पाकिस्तान के प्रति अमेरिका के सख्त रुख का संकेत माना जा रहा है।

मेट्रो की यात्रा कर राजदूत के आवास तक गए

इमरान को मेट्रो की यात्र कर अपने राजदूत के आवास तक भी जाना पड़ा। वह किसी होटल के बजाय अपने राजदूत के यहां ही ठहरे हैं। वह विशेष विमान के बजाय कतर एयरवेज की सामान्य उड़ान से अमेरिका पहुंचे थे। उनके साथ पाक सेना प्रमुख कमर बाजवा और पाक की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद भी अमेरिका पहुंचे हैं। यह पहली बार है कि पाक पीएम के साथ पाक सेना प्रमुख और आइएसआइ प्रमुख अमेरिकी यात्र पर हैं। इमरान से पहले प्रधानमंत्री के रूप में नवाज शरीफ ने 2015 में अमेरिका का दौरा किया किया।

हाफिज सईद के खिलाफ दिखावे की कार्रवाई

अमेरिका को दिखाने के लिए पाक ने इमरान की यात्र से पहले आतंकी सरगना हाफिज सईद को जेल में डाल दिया है। हालांकि, इमरान के अमेरिका पहुंचने से पहले ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि पाक जब तक अपने यहां आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई नहीं करता, उसे सैन्य सहायता निलंबित करने की अमेरिकी नीति जारी रहेगी। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पाक के लिए रास्ते अभी खुले हुए हैं।

कमजोर होगी इमरान की यात्रा

अमेरिका में पाक के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा कि इमरान का अमेरिकी दौरा वास्तविकता के लिहाज से कमजोर दौरा होगा। इमरान अमेरिका के राष्ट्रपति को पुराना माल बेचेंगे। उनके पास वादा करने के लिए ऐसा कुछ भी नहीं है जो उन्होंने पहले ना किया हो। इमरान का अमेरिका में स्वागत नहीं होने पर लोग सोशल मीडिया पर कई मजाकिया कमेंट कर रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘पाकिस्तान ने क्रिकेट विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। यह उसी की सजा है।’

इमरान के बचाव में उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने इमरान का बचाव किया है। उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा, ‘इमरान ने अपने देश के पैसे को बचा लिया, जिसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने किसी चीज का घमंड नहीं किया जैसा ज्यादातर नेता करते हैं। मुङो बताइए कि ऐसा करना बुरी बात क्यों है। यह इमरान के बजाय अमेरिका के नकारात्मक पहलू को उजागर करता है।’

सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए इमरान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ इमरान खान की मुलाकात से पहले एक शीर्ष मोहाजिर नेता नदीम नुसरत ने कहा है कि पाक सेना आतंकियों को मदद देने की अपनी दशकों पुरानी नीति में शायद ही कोई बदलाव करे। उन्होंने पाक में मोहाजिरों के खिलाफ सेना और सरकार के अत्याचार को लेकर ट्रंप को पत्र भी लिखा है और इमरान के साथ बातचीत में इस मुद्दे को उठाने का आग्रह भी किया है। अमेरिका स्थित वॉयस ऑफ कराची के प्रमुख नुसरत ने कहा कि इमरान की इस यात्र से अमेरिका-पाक संबंधों में बहुत बदलाव आने की उम्मीद नहीं है।