कांग्रेस की कद्दावर नेता शीला दीक्षित का यूं चले जाना…, सोशल मीडिया पर दुख की लहर

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली की पूर्व मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया। वे 81 वर्ष की थीं। अभी दिल्‍ली प्रदेश कांग्रेस की अध्‍यक्ष थी। 31 मार्च 1938 को जन्‍मी शीला दीक्षित ने एस्‍कार्ट हॉस्‍पीटल में आखिरी सांस ली। वे लंबे समय से बीमार चल रहीं थी।

इनके निधन की खबर सुन हर कोई इस कदर हैरत में है कि शुरुआत में तो इसे सबने गलत समझा। कांग्रेस की कद्दावर नेता का यूं चले जाना सबको अखर रहा है।

सोशल मीडिया पर शोक की लहर छा गई है। कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने शीला दीक्षित को कांग्रेस की बेटी बताते हुए दुख जाहिर किया है। उन्‍होंने कहा, ‘शीला दीक्षित से उनका गहरा रिश्‍ता था।’

उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू ने उनके निधन पर दुख व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि वे अच्‍छी प्रशासक थीं। भूपेंद्र हुड्डा व भाजपा सांसद व दिल्‍ली के भाजपा अध्‍यक्ष मनोज तिवारी ने भी शीला दीक्षित के निधन पर गहरा दुख जताया है।

सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर दुख जताया।

शीला दीक्षित के अचानक चले जाने पर हैरानी जताते हुए कश्‍मीर की पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया,’वे कांग्रेस की कद्दावर नेताओं में से एक थीं और अपने कार्यकाल में उन्‍होंने दिल्‍ली को बदल दिया। उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।’

शीला दीक्षित के अचानक चले जाने पर हैरानी जताते हुए कश्‍मीर की पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया,’वे कांग्रेस की कद्दावर नेताओं में से एक थीं और अपने कार्यकाल में उन्‍होंने दिल्‍ली को बदल दिया। उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।’

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