कुमारस्वामी ने स्पीकर से कहा- गवर्नर के लव लेटर से बचाओ, पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

बेंगलुरू। कर्नाटक में जारी राजनीतिक घमासान के बीच राज्यपाल वजुभाई वाला ने सीएम एच. डी. कुमारस्वामी को एक बार फिर पत्र लिखा है। गवर्नर ने सीएम से आज शाम 6 बजे तक बहुमत साबित करने को कहा था। लेकिन गवर्नर द्वारा दूसरी बार तय की गई डेडलाइन के बीत जाने के बाद भी बहुमत परीक्षण नहीं हुआ है।

राज्यपाल की दूसरी चिट्ठी के बाद मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि गवर्नर के दूसरे ‘लव लेटर’ से उन्हें दुख पहुंचा है। विधानसभा में सीएम ने कहा, ‘मैं गवर्नर का सम्मान करता हूं। लेकिन उनके दूसरे लव लेटर से मुझे कष्ट हुआ है।’

इसके बाद उन्होंने पूर्व सीएम और भाजपा नेता बी. एस. येदियुरप्पा के पीए संतोष की निर्दलीय विधायक एच. नागेश के साथ हवाई जहाज में चढ़ते वक्त की कथित तस्वीर दिखाते हुए भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप दोहराया।

विधानसभा में मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने स्पीकर से कहा कि वह बहुमत परीक्षण का फैसला उन पर छोड़ते हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि दिल्ली से चीजें तय नहीं होंगी। उन्होंने गवर्नर से गुजारिश की कि वह उन्हें राज्यपाल द्वारा भेजी गई चिट्ठी से बचाएं। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ने राज्यपाल द्वारा बहुमत परीक्षण के लिए डेडलाइन तय किए जाने के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

सीएम पद जाने का कोई डर नहीं: कुमारस्वामी
सदन में सीएम एचडी कुमारस्वामी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए सरकार को टारगेट करने का आरोप लगाया है। कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें सीएम पद जाने का कोई डर नहीं है। खबर यह भी आ रही है कि राज्यपाल द्वारा बहुमत साबित करने को लेकर दी गई समयसीमा खत्म होने के बाद दोनों पक्ष कोर्ट का रुख कर सकते हैं।

विधानसभा में मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने स्पीकर से कहा कि वह बहुमत परीक्षण का फैसला उन पर छोड़ते हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि दिल्ली से चीजें तय नहीं होंगी। उन्होंने गवर्नर से गुजारिश की कि वह उन्हें राज्यपाल द्वारा भेजी गई चिट्ठी से बचाएं। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ने राज्यपाल द्वारा बहुमत परीक्षण के लिए डेडलाइन तय किए जाने के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

सीएम पद जाने का कोई डर नहीं: कुमारस्वामी
सदन में सीएम एचडी कुमारस्वामी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए सरकार को टारगेट करने का आरोप लगाया है। कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें सीएम पद जाने का कोई डर नहीं है। खबर यह भी आ रही है कि राज्यपाल द्वारा बहुमत साबित करने को लेकर दी गई समयसीमा खत्म होने के बाद दोनों पक्ष कोर्ट का रुख कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में भी जारी कर्नाटक की जंग
कर्नाटक विधानसभा में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और कर्नाटक कांग्रेस एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। कुमारस्वामी और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने अलग-अलग अर्जी दाखिल कर कोर्ट से 17 जुलाई का आदेश स्पष्ट करने की मांग की है। दोनों अर्जियों में कहा गया है कि कोर्ट का आदेश संविधान की 10वीं अनुसूची में पार्टी व्हिप जारी करने के संवैधानिक अधिकारों के आड़े आ रहा है। कुमारस्वामी ने अपनी अर्जी में कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा बहुमत साबित करने के लिए समयसीमा तय करने को सदन की कार्यवाही में दखल बताया है।

कोर्ट से स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग
हालांकि किसी भी पक्ष ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जियों का जिक्र कर जल्द सुनवाई की मांग नहीं की। दोनों अर्जियों में कहा गया है कि कोर्ट ने अपने उस आदेश में 15 विधायकों को सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होने की छूट दे दी है। कोर्ट का वह आदेश राजनीतिक दलों को व्हिप जारी करने के अधिकार के आड़े आ रहा है। लिहाजा कोर्ट स्पष्ट करे कि उसका आदेश पार्टी व्हिप जारी करने के संवैधानिक अधिकार पर लागू नहीं होगा। अर्जियों में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला भी दिया गया है जिसमें राजनीतिक दलों के व्हिप जारी करने के अधिकार को मान्यता दी गई है।

राज्यपाल समय सीमा तय करने का आदेश नहीं दे सकते: सीएम
जब दोनों अर्जियां सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गईं तब तक राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री को सदन में बहुमत साबित करने के लिए तय की गई दोपहर 1.30 बजे की सीमा बीत चुकी थी और विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस चल रही थी। कुमारस्वामी ने कहा है कि जब सदन चल रहा है और विश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही है तो उस बीच राज्यपाल समय सीमा तय करने का आदेश नहीं दे सकते और न ही इस तरह का निर्देश दे सकते हैं।