सिवनी में आखिर कहाँ से आ रहे मानसिक विक्षिप्त।

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सिवनी। इन दिनों सिवनी में मानसिक विक्षिप्त महिला और पुरुष की संख्या बढ़ती जा रही है।जो बस स्टैंड और अस्पताल के आस पास घूमते नजर आ रहे है।

नग्न अवस्था में घूम रही मानसिक विक्षिप्त महिला

कहाँ गए समाजसेवी संगठन

महिला संगठन भी नही दे रहे ध्यान

मानसिक विक्षिप्तों में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या ज्यादा है।इनमें कुछ नग्न अवस्था मे भी शहर में घूमती और भीख मांगते नजर आती है।विदित हो कि कुछ समय पूर्व एक मानसिक विक्षिप्त महिला गर्भवती भी हो गई थी।तथा छपारा के एक मानसिक विक्षिप्त के कारण जिले में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी।

आखिर सबाल इस बात का है कि सिवनी शहर में ये मानसिक विक्षिप्त कहाँ से आ रहे है।शहर में कई समाज सेवी संगठन है लेकिन किसी का ध्यान इन मानसिक विक्षिप्तों पर नही जाता और न ही मातृ शक्ति संगठन इन पागल महिलाओं के लिए कोई कदम उठा रही है।

यदि जिला प्रशासन इन मानसिक विक्षिप्तों के लिए सक्रियता दिखाते हैं तो कई लोगों का सहयोग मिलेगा।और हो सकता है कि कुछ मानसिक विक्षप्त उपचार के बाद ठीक भी हो जाएं।

शहर में बहुत से ऐसे लोग है जो समाज सेवा के नाम पर छोटा मोटा दान करके या फल वितरण करके फोटो खिंचवाते है और उस फोटो को फेसबुक एवं व्हाट्सएप में डालकर वाहवाही लेते है लेकिन जिले की इस जवलंत समस्या से किसी को कोई लेना देना नही।

ठंड के इस मौसम में विक्षिप्त महिलाएं नग्न ओर अर्धनग्न स्थिति में शहर में घूम रही है।यदि कल कोई अप्रिय घटना इन के साथ घटती है तो इसका जबाबदार कोंन होगा ?

यहाँ कई समाजसेवी संगठन जनप्रतिनिधि है जो विकास की तमाम बातें करते है लेकिन उनकी जमीनी हकीकत क्या है

उसको ये मानसिक विक्षिप्त बयान कर रहे है।पूर्व में जिला कलेक्टर रहे भरत यादव ने आशादीप के अनाथ बच्चों के लिए एक चेरिटी कार्यक्रम आयोजित किया था जिसमे जिले के समस्त अधिकारी कर्मचारी,जनप्रतिनिधियों तथा आम लोगो ने अपना सहयोग प्रदान कर मिशाल कायम की थी।

इन मानसिक विक्षिप्तओ में वृध्द महिला पुरूष भी शामिल है यदि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए तो बड़े खुलासे होंगे कि आखिर ये मानसिक विक्षिप्त कहाँ से आ रहे है और उनकी इस स्थिति का जवाबदार कौन है।वर्तमान में पदस्त जिले के संवेदनशील कलेक्टर गोपाल चंद्र डाड़ से काफी उम्मीद लोगो को है।

 

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