Karnataka Crisis Live: मुंबई में ही अज्ञात जगह पर छिपे बागी विधायक, इस्‍तीफों पर फैसला आज

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बेंगलुरु, एजेंसी। Karnataka political crisis कर्नाटक की कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार अपनी अंतिम सांसें गिन रही है। गठबंधन के 13 विधायकों के इस्‍तीफे के बाद दो निर्दलीय एमएलए ने भी कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस सरकार से समर्थन वापस ले लिया। इस तरह अब तक 15 विधायकों ने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार से अपना समर्थन वापस लिया है। इनको मंत्रिपद देने का कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर का प्रस्ताव भी बेअसर रहा। पहले चर्चा थी कि ये विधायक गोवा जाएंगे लेकिन अब खबर यह है कि ये विधायक मुंबई में ही किसी अज्ञात जगह पर छिपे हैं। इन 13 बागी विधायकों के इस्तीफों पर विधानसभा अध्यक्ष केआर राकेश कुमार मंगलवार को फैसला करेंगे।

भाजपा का प्रदर्शन, कांग्रेस विधायक दल की बैठक में लेगी फैसला
सीएम एचडी कुमारस्वामी का कहना है कि चिंता करने की जरूरत नहीं, इस संकट को सुलझा लिया जाएगा। उनकी सरकार आराम से चलेगी। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि सरकार अल्पमत में है और मुख्यमंत्री को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए। उन्‍होंने बताया कि मंगलवार को इस मांग को लेकर पूरे राज्य में प्रदर्शन किया जाएगा। सरकार बनानी है या नहीं इस बारे में फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। वहीं कांग्रेस ने भी आज विधायक दल की बैठक बुलाई है।

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बागी विधायकों ने ठुकराया गठबंधन का प्रस्‍ताव
इस बीच बागी विधायकों ने साफ कर दिया है कि वे अपना फैसला नहीं बदलेंगे और भाजपा को समर्थन देंगे। सोमवार सुबह मुंबई के होटल में आयोजित बैठक के दौरान बागी विधायकों ने कहा कि मौजूदा सरकार में मंत्री बनने का कोई औचित्‍य नहीं रह गया है क्योंकि कांग्रेस सरकार की स्थिरता को आसानी से हिलाया जा सकता है। विधायकों ने कहा कि हम समझौते को खारिज कर चुके हैं। हम अपना इस्‍तीफा वापस नहीं लेने जा रहे हैं। हम भाजपा की अगुवाई वाली नई सरकार का हिस्सा बनना चाहते हैं। सनद रहे कि गठबंधन ने अपने शीर्ष संकटमोचक डीके शिवकुमार को बागी विधायकों को मनाने की जिम्‍मेदारी सौंपी थी।

बहुमत का गणित
कुमारस्वामी के लिए 10 कांग्रेस विधायकों को मनाना पहली प्राथमिकता है, क्योंकि अगर वह इसमें कामयाब रहते हैं तो संख्याबल का पलड़ा फिर गठबंधन सरकार के पक्ष में झुक जाएगा। जदएस के तीन विधायक अगर नहीं भी मानते हैं तो 224 सदस्यों वाले सदन में बहुमत का जादुई आंकड़ा 111 रहेगा, जिसे कुमारस्वामी बागियों की बदौलत हासिल कर सकते हैं। फिलहाल भाजपा बढ़त की स्थिति में है। निर्दलीय विधायक एच. नागेश के मंत्रिमंडल से इस्तीफे के बाद भाजपा के समर्थन में 106 विधायक हैं। अगर 13 विधायकों को कांग्रेस और जदएस मनाने में नाकाम रहते हैं तो सभी का इस्तीफा मंजूर होने के बाद सदन में बहुमत के लिए 106 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी जो भाजपा के पास है।

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विधायकों के लिए होटल बुक करा रहे राजनीतिक दल
कर्नाटक में जारी राजनीतिक संकट के मद्देनजर अपने विधायकों को ठहराने के लिए राजनीतिक दल विभिन्न होटल और रिजॉर्ट बुक करा रहे हैं। सोमवार को जानकारी मिली कि जदएस ने बेंगलुरु से 250 किलोमीटर दूर मदिकेरी स्थित पेडिंगटन रिजॉर्ट में 10 विला, 15 डीलक्स रूम और 10 कॉटेज तीन दिनों के लिए बुक कराए हैं। इसी तरह, रविवार को भाजपा ने अपने विधायकों के लिए डोडाबल्लापुर स्थित रामादा होटल में दो दिनों के लिए 30 रूम बुक कराए थे। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी इस तरह की कोई बुकिंग कराए जाने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

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लोकसभा में भी गरमाया मुद्दा
कर्नाटक संकट को लेकर लोकसभा में भाजपा को घेरने की कोशिश की गई तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका ठीकरा राहुल गांधी पर फोड़ दिया। विपक्ष के सभी आरोपों पर पलटवार करते हुए, हास्य का पुट देते हुए राजनाथ ने कहा, ‘यह तो राहुल गांधी का किया हुआ है। उन्होंने ही इस्तीफे की शुरुआत की और दूसरों को भी इस्तीफा देने को कह रहे हैं। एक से एक दिग्गज कांग्रेसी इस्तीफा दे रहे हैं, इसमें भाजपा कहां से आ गई।’ उधर, मुंबई के जिस होटल में कर्नाटक के बागी विधायक ठहरे हुए थे, उसके बाहर युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार को विरोधस्वरूप दो घोड़ा गाड़ी लेकर पहुंचे और भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद फरोख्त) का आरोप लगाया।

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