बीएचयू: कमिश्नर ने मुख्य सचिव को सौंपी रिपोर्ट, घटना के लिए यूनिवर्सिटी जिम्मेदार

वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के बाहर छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के बाद मामले में बवाल मचा हुआ है। योगी सरकार भी राजनीतिक दलों के निशाने पर है। ऐसे में सरकार ने छात्राओं पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की जांच कराने के लिए वाराणसी के कमिश्नर नितिन गोकर्ण को जांच सौंपी थी।

यूपी के मुख्य सचिव राजीव कुमार को सौंपी रिपोर्ट में वाराणसी के कमिश्नर ने बीएचयू प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने इस कार्ऱवाई के लिए बीएचयू प्रबंधन को जिम्मेदार माना है। 

रिपोर्ट में वाराणसी कमिश्नर ने लिखा है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने पीड़ित लड़कियों की सुनवाई ठीक से नहीं की। वहीं हालात को भांपने में भी प्रबंधन चूक गया।

आपकों बता दें कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पिछले कुछ दिनों से छेड़छाड़ के मुद्दे पर छात्राएं प्रदर्शन कर रही हैं। शनिवार देर रात छेड़खानी के विरोध में धरने पर बैठी छात्राओं को हटाने के लिए वाराणसी पुलिस ने बल प्रयोग किया था और उन्हें ज़बरन वहां से हटाया गया था। लाठीचार्ज की सूचना पाकर कवरेज के लिए बीएचयू पहुंचे पत्रकारों की भी जमकर पुलिस ने पिटाई की थी। पुलिसकर्मियों पर आरोप हैं कि पिटाई के बाद उन्होंने घायल पत्रकारों के अलावा छात्राओं को बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में इलाज तक के लिए नहीं जाने दिया। इसके बाद से कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश में लगे हुए हैें।