नामांकन के साथ ही लाल, तिरंगा, केसरिया नीला से रंगा ओ.एफ.के.

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जबलपुर विशेष प्रतिनिधी। अयुध निर्माणी खमरिया में आगामी १८ नबंबर को होने वाले चुनाव की हलचल के साथ ही तेज हो गई। अंतिम तिथी के दिन वर्क्सकमेटी प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ रैलियां निकालकर नामांकन पत्र जमा करने भरे। नामांकन फार्म जमा होने के साथ ही कर्मचारियों से जनसंपर्क तेज हो गया है। हालांकि चुनाव की तिथी के लिए एक पखवाड़ा शेष है। लेकिन बीच में 5 दिन चुनाव प्रचार ठंडा हो जायेगा। उसकी वजह दिल्ली में ९ से ११ नवंबर तक सभी यूनियनों के महासगंठन दिल्ली में संसद के समक्ष धरना देगे। लिहाजा बड़े नेताओं के दिल्ली जाने के बाद द्वार सभा और जनसंपर्क की गति धीमी हो जायेगी।
जानकारी के अनुसार इस बार निर्माणी में चतुष्कोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। हालांकि अभी नाम वापसी तक यूनियनों में समझौता हो सकता है। लेकिन समझौते के आसार कम ही है। क्योंकि सभी यूनियनों ने अपने – अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। ऐसे में कोई भी यूनियन अपने घोषित उम्मीदवार में ज्यादा हेरफे र करने की इच्छुक नहीं है। वर्तमान चुनाव में लेबर यूनियन और राष्ट्रीय कर्मचारी यूनियन में क्रमशः 6ः४ के अनुपात में समझौता हो गया है। जिसके चलते लेबर यूनियन ने ६ और राष्ट्रीय कामगार यूनियन से ४ प्रत्याशी मैदान में उतारे है। पिछली बार राष्ट्रीय कर्मचारी यूनियन से इंटक से समझौता न होने से सभी दस प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। इस बार इस परिवर्तन के साथ दो नये परिवर्तन और हुए है। लेबर यूनियन का एक घड़ा अलग होकर चुनाव लड़ रहा है। वही व्ही.एफ.जे. में तीन सीट की आशातीत सफलता पाकर ओएफ के में भी एस.सी.एस.टी. काउसिंल ने अपने १० उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
इस बार चुनाव प्रचार पोस्टर बैनर तक सीमित न होकर हाई टेक हो गया है। कर्मचारियों के ग्रुपों में व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से प्रचार कर कर्मचारियों का समर्थन मांगा जा रही है। बहरहाल ओएफके में बमबारूद बनाने वाले हाथ-अब निर्माणी में पोस्टर बैनर लगाने और पर्चा बांटने में व्यस्त हैं।

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