MP: बारिश के साथ गिरे ओले, आकाशीय बिजली से 7 लोगों की मौत

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वेब डेस्क शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मौसम में आया अचानक बदलाव लोगों के लिए मुसीबत बनकर टूटा। आसमान में छाए बादलों के साथ शुरू हुई रिमझिम डेढ़ बजते-बजते आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश में तब्दील हो गई। डिंडौरी, सिवनी और जबलपुर के पाटन में गाज की चपेट में आने से एक-एक व दमोह में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं रतलाम जिले में भी दो लोगों की मौत हो गई। हालांकि बारिश के चलते लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली।

डिंडौरी: जिले के बजाग सहित आसपास के गांव में लगभग 10 मिनट लगातार बेर के आकार के जमकर ओले गिरे। इससे सड़कें ओलों से पट गईं। तेज हवा से घर के छप्पर उड़ गए। जगह-जगह पानी का भराव हो गया। बारिश व ओलों से सब्जी के साथ ही आम की फसल भी प्रभावित हुई है। वहीं जिले के ही बिलाईखार के ग्राम टिकरिया में पेड़ के नीचे खड़ी 13 वर्षीय बालिका रंजना पिता बालकरण की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने से करीब आधा दर्जन मवेशियों की मौत की भी खबर है।

दमोह : तेंदूखेड़ा में आंधी के बाद बारिश हुई और ओले भी गिरे। दमोह में ब्रजलाल पिता मेहरबान सिंह व प्रियंका (3) पिता रामकुमार सिंह की गाज गिरने से मौत हो गई।

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जबलपुर: जिले के पाटन के उड़नापौड़ी गांव में शाम करीब 5 बजे घर की छत पर मोबाइल पर बात कर रहे सत्यम (21) पिता सेवाराम पटेल की गाज गिरने से मौत हो गई।

सिवनी : तेज आंधी-तूफान से दर्जनों पेड़ गिर गए और बिजली के खंभे गिरे। घरों के भी छप्पर उड़े। शहर में बूंदाबांदी हुई। वहीं बंसी (50) पिता सुम्मा यादव की गाज गिरने से मौत हो गई।

मंडला : जिले में जोरदार बारिश हुई। महाराजपुर में आकाशीय बिजली गिरने से 5 लोग झुलस गए।

बालाघाट: आंधी-तूफान के कहर से जिले के वनांचल के दो दर्जन से अधिक मकानों के छप्पर उड़ गए। दर्जनभर पेड़ धराशायी हो गए व दर्जनभर गांवों में बिजली गुल हो गई।

रतलाम :बिजली गिरने से दो की मौत, दो झुलसे

रतलाम जिले में बिलपांक थाना क्षेत्र के ग्राम ढिकवा और जड़वासाकलां में आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान बिजली गिरने से ग्राम ढिकवा में मोनिका पिता रतनलाल राठौड़ (12) और नामली थाना क्षेत्र के ग्राम जड़वासाखुर्द में बाबूलाल पिता देवाजी (55) निवासी ग्राम भुवानीपाड़ा (बिलपांक) की मौत हो गई। घटना में दो लोग झुलस गए हैं।

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आंधी-बारिश से 25 घरों की चद्दरें उड़ीं, दीवारें गिरीं, दो बच्चों सहित छह घायल

बदनावर (धार)। क्षेत्र में शुक्रवार को दिनभर की तपन के बाद शाम साढ़े चार बजे चली आंधी और हल्की बारिश के कारण मकानों की चद्दरें उड़ गईं। कई मकान ध्वस्त हो गए। खाने-पीने का सामान तक नहीं बच पाया। चद्दरों पर रखे पत्थर, दीवार व कवेलू गिरने से करीब छह लोग घायल हो गए। इनमें दो बच्चे शामिल हैं। इनमें एक की हालत गंभीर होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य कें द्र में भर्ती कराया गया। सूचना के बाद भी प्रशासनिक अमले के समय पर नहीं पहुंचने से नाराज लोगों ने कोद-बखतगढ़-बदनावर पर पाइप रखकर 15 मिनट के लिए जाम लगा दिया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कि या। प्रारंभिक तौर पर 15 घरों की चद्दर और पांच घरों की दीवारें गिर गई हैं। इसमें करीब ढाई लाख रुपए नुकसानी का अनुमान है।

ग्राम मांगलिया में हुए हादसे में आशा (10) पिता राजू, हेमराज (35) पिता गणपत, बाबू (5) पिता ईश्वर, श्यामूबाई (30) पति देवीसिंह व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जानीकु ंवर पिता मन्नाा घायल हुए हैं। सोहन पिता दयाराम व कान्हा पिता रामकि शन के मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए है जिसमें रखा सामान भी नष्ट हो गया। यहां तक कि खाने-पीने का सामान भी नहीं बच पाया। इसी प्रकार धापूबाई पति जगदीश, मदन पिता गिरधारी, राजू भाभर, दिनेश पिता रामा, रंभाबाई पति मोहन, दिनेश पिता रतनलाल के शरपुरा, बहादुर पिता भमर के मकान में नुकसान हुआ है। इनमें दिलीप पिता रामा के यहां सगाई का कार्यक्रम भी था। गनीमत रही है कि कार्यक्रम दिन में ही निपट गया था। इससे अधिकांश मेहमान रवाना हो चुके थे वरना बड़ा हादसा हो सकता था जबकि कृष्णकांत पिता जीवनलाल शर्मा की बाइक मकान गिरने से नीचे दब गई। पटवारी कालूराम सिर्वी, सरपंच पति नरसिंह, सहायक सचिव महावीरसिंह आदि ने पंचनामा बनाया।

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मुलथान पंचायत के मजरे रामतापाड़ा में एक मकान के चारों कमरें की चद्दरें उड़ गईं। चद्दरों के ऊपर रखे वजनी पत्थर गिरने से सविता पति विजय घायल हुई हैं। पीहर में पिता गणतप के यहां रह रही थी। हवा के कारण चारों कमरे की चद्दरें उड़ गई। इसमें सविता को चोटें आने पर यहां सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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