नरेश गोयल का भावुक पत्र : तनख्वाह न दे पाने का दुख है

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जेट एयरवेज के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल ने कर्मचारियों को एक भावुक पत्र लिखा है। गोयल ने लिखा है कि कर्मचारियों को पिछले कुछ महीने से सैलरी न देने का उनको दुख है। उन्होंने आगे लिखा कि वो उम्मीद करते हैं कि जल्द ही जेट एयरवेज को फिर से पंख लगेंगे।


किए थे हर तरह के प्रयत्न
नरेश गोयल ने कहा कि उन्होंने आखिरी वक्त तक एयरलाइन को चलाने की कोशिश की थी। इसके लिए बैंकों को 250 करोड़ रुपये भी समूह की एक कंपनी से जुटा कर दिए थे। इसके साथ ही अपने शेयरों को भी गिरवी रखे थे। लेकिन इसके बावजूद जेट के जमीन पर आ जाने का उन्हें और पत्नी अनिता को काफी दुख है।


बेटे के जरिए भेजा पत्र
नरेश गोयल ने अपने बेटे निवान गोयल के जरिए कर्मचारियों को यह पत्र भेजा है। गोयल ने आगे लिखा कि कर्मचारियों द्वारा कंपनी को चलाने के लिए जो समर्पण दिखा वो काफी बड़ा है। हालांकि उन्हें सैलरी न मिलने का दुख भी है।


पांच मई को पूरे हुए थे 26 साल
जेट एयरवेज को पांच मई को पूरे 26 साल हो गए थे। गोयल ने लिखा कि हर साल जेट एयरवेज के कर्मचारियों के लिए पांच मई बेहद खास दिन होता है, क्योंकि इसी दिन जेट अस्तित्व में आई थी। लेकिन इस बार पांच मई का दिन हमारे लिए सबसे दुखी दिन था, क्योंकि एक भी उड़ान सेवा में नहीं थी।
यह एक तरह संयोग ही था कि 18 अप्रैल 1993 को हमने अपना पहला विमान मुंबई में हासिल किया था और 18 अप्रैल 2019 को हमने अमृतसर से मुंबई के लिए आखिरी उड़ान भरी थी।

जेट के पास बचे केवल दो दिन
जेट एयरवेज के पास केवल दो दिन बचे हैं अगर वो जमीन से हवा में वापस उड़ना चाहती है। दो दिन बाद केंद्र सरकार जेट के विदेशी उड़ान के स्लॉट अन्य विमानन कंपनियों को दे देगी। इससे जेट को फिर से शुरू करने पर फिर से संकट पड़ सकता है।


जेट के विदेशी रूट पर संकट
फिलहाल जमीन पर आ चुकी जेट एयरवेज के विदेशी रूट सरकार अन्य हवाई कंपनियों को देने का प्लान कर रही है। देश में कार्यरत अन्य हवाई कंपनियां जैसे स्पाइसजेट, इंडिगो, एयर एशिया, विस्तारा, गो एयर और एयर इंडिया सरकार से जेट के खाली हो चुके अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ान भरने की मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।


जेट पर खतरा बरकरार
जेट को सरकार की तरफ से एक हफ्ते में 42 हजार से अधिक विदेशी उड़ानों के लिए सीट बुक करने की मंजूरी मिली हुई है। अगर यह सीटें अन्य उड़ानों को चली जाती है तो फिर नए निवेशक भी जेट में पैसा लगाने से हाथ खींच सकते हैं।


इतना है जेट के पास विदेशी सीटों का लाइसेंस
जेट के पास फिलहाल हर हफ्ते दुबई के लिए 13 हजार, सिंगापुर की 11032, अबू धाबी की 10584, थाईलैंड की 10016 और कतर की 8463 सीटें बुक करने करने का लाइसेंस सरकार की तरफ से मिला हुआ है। हालांकि एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के कंशोर्सियम और नए निवेशकों ने सरकार से कहा है कि वो 10 मई तक इंतजार कर ले ताकि इसमें पैसा लगाने के बारे में सोचा जा सके।

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