राहुल के खेद वाले जवाब से SC नाखुश, फिर किया नोटिस जारी, 30 अप्रैल को सुनवाई

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को ‘चौकीदार चोर है’ वाले बयान पर अब तक राहत नहीं मिली है। सोमवार को राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए अपने बयान पर खेद जताया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट उनके इस खेद से संतुष्ट नहीं है और उन्हें फिर से नोटिस जारी किया है। मामले में अब अगली सुनवाई 30 अप्रैल को राफेल केस के साथ ही होगी। कोर्ट ने राहुल गांधी को आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया है।

राहुल गांधी के खेद वाले जवाब को लेकर मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई जिसमें उनकी वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह कैंपने 18 महीने से चल रहा है और हम इस पर अब भी कायम हैं। वहीं राहुल के बयान पर आपत्ति दर्ज करने वाली भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी के वकील ने कहा कि राहुल गांधी ने मान लिया है कि उन्होंने गलत बयान दिया है। राहुल ने माना है कि उन्होंने गलती की है लेकिन अपने जवाब में उन्होंने खेद ब्रेकेट में लिखा है। हमारे हिसाब से यह माफीनामा नहीं है।

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सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने लेखी के वकील मुकुल रोहतगी से पूछा कि यह चौकीदार कौन है जिसे चोर कहा जा रहा है। इसके जवाब में रोहतगी ने कहा कि राहुल गांधी ने पूरे देश के सामने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी चौकीदार चोर है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कुछ नहीं कहा है।

बता दें कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट द्वारा राफेल मामले में लीक हुए दस्तावेजों को सुनवाई के लिए मान्य करार दिए जाने के बाद राहुल गांधी ने एक बयान में कहा था कि अब सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि चौकीदार चोर है। इसके बाद भाजपा सांसद मिनाक्षी लेखी ने राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर राहुल गांधी के बयान को अदालत की अवमानना बताया था। इसके बाद सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने इस याचिका पर कांग्रेस अध्‍यक्ष से जवाब मांगा था।

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