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शंकर लालवानी की रण जीतने की बाबा से गुहार, जीतू पटवारी भी पहुंचे

इंदौर। रण को जीताने वाले रणजीत हनुमान मंदिर में वैसे भी मंगलवार और शनिवार बाबा के भक्तों की जबर्दस्त भीड़ होती है। भीड़ तो रोज ही होती है, लेकिन बाबा के इन दोनों दिन अतिरिक्त भीड़ श्रद्धालुओं की होती है, ऐसे में देश के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में अब इंदौर भी चुनाव के रण में आगे बढ़ रहा है।

दो प्रमुख राजनीतिक पार्टी कांग्रेस और भाजपा ने अपने अभी उम्मीदवार के निर्णायक पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन संकेत मिलना शुरू हो गए हैं। मंत्री जीतू पटवारी ने कल सुबह बैठक लेने के बाद कांग्रेसियों को एकजुट करना शुरू कर दिया था और कल रात ही रणजीत हनुमान मंदिर में अलसुबह पहुंचने और पूजा आराधना करने के संकेत दे दिए थे, आज सुबह 6.30 बजे जीतू पटवारी सबसे पहले पहुंचे, वहां उन्होंने अपने लोकसभा चुनाव जीतने के लिए रण जीताने वाले बाबा से आग्रह किया, पूजा आराधना हुई बाबा के जयकारे भी लगे।

काफी देर तक जीतू पटवारी रणजीत हनुमान बाबा के दरबार में रहे। इस दौरान बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंच रहे थे उनसे भी पटवारी मुलाकात कर रहे थे। अपनी मालवी और इंदौरी भाषा के साथ ग्रामीण भाषा के समावेश में चर्चा हो रही थी और रण जीतने की गुहार भी लगाई जा रही थी।

शंकर लालवानी का टिकिट आग्रह

जीतू पटवारी यहां से आराधना करके निकले उसके बाद भाजपा की ओर से चुनाव लड़ने की ओर बढ़ रहे इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष शंकर लालवानी भी सुबह 8 बजे के करीब अपने रण के लिए पहले टिकिट की जुगाड़ और फिर चुनाव जीतने की गुहार लगाते रणजीत हनुमान बाबा मंदिर परिसर में दिखे।

दोनों नेताओं में इस दौरान अन्तर भी नजर आया, जहां टिकिट के लिए जीतू पटवारी आश्वस्त नजर आ रहे थे वहीं शंकर लालवानी की टिकिट लार बाबा की गुहार में पहले नजर आई और दूसरी गुहार में रण जीतने की बात आग्रह में नजर आई। सभी जानते हैं कि जीतू पटवारी का नाम आने के बाद फिर से कैलाश विजयवर्गीय के नाम के संकेत मिले हैं। भाजपा कैलाश विजयवर्गीय को पश्चिम बंगाल से बाहर नहीं निकालना चाहती है और लोकसभा चुनाव के बाद अगर भाजपा की सरकार बनती है तो प्रदेश से कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए जिम्मेदारी कैलाश विजयवर्गीय को दी जाए, इसलिए भी कैलाश विजयवर्गीय खुद आलाकमान के संकेत के बाद लोकसभा चुनाव लड़ने में पीछे दिखाई दे रहे हैं।

प्रदेश भर में एक भी सिंधी नेता को टिकिट नहीं दिया गया है, इसलिए भी शंकर लालवानी के आसार बढ़े हैं, भोपाल लोकसभा सीट में भी बहुत बड़ी तादाद में सिंधी समाजजन है, बैरागढ़ पूरा सिंधी समाजजनों से भरा पड़ा हुआ है, लालकृष्ण आडवाणी को टिकिट नहीं देने की नाराजगी देश, प्रदेश के साथ इंदौर और भोपाल में भी नहीं हो जाए इसलिए भी भाजपा अब लालवानी के नाम पर आगे दिख रही है।

सुमित्रा महाजन भी इसी प्रयास में हैं कि भाई का रथ रोक दिया जाए और शंकर लालवानी को आगे कर दिया जाए, जो भी हो आज सुबह तो चुनावी रण में जीतने के लिए रण को जीताने वाले बाबा के दरबार में पटवारी की जीत गुहार और शंकर लालवानी की दो गुहार लगी, पहले टिकिट और फिर जीत गुहार। इस पर भी कांग्रेसियों ने कहा कि बाबा एक गुहार सुनेंगे, लालवानी को टिकिट मिल जाए कांग्रेसी भी यही चाहते हैं और जीतू पटवारी की पहली गुहार बाबा जीत की सुनेंगे।

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