सिद्धू की ‘बदजुबानी’ से बैकफुट पर तारिक अनवर, दोबारा ‘विश्वास’ जीतने की चुनौती!

न्‍यूज डेस्‍क। तारिक अनवर सिद्धू के बयान से इतने आहत हुए कि उन्होंने तुरंत मीडिया को बुलाया और सफाई पेश की. तारिक ने कहा कि इसकी शिकायत वे आलाकमान से करेंगे

बिहार के कटिहार लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवार तारिक अनवर की छवि सभ्य, शालीन, मृदुभाषी और सेक्युलर नेता की है. क्षेत्र के लोगों को उनपर विश्वास है और वे सर्वसमाज के नेता माने जाते हैं. यही वजह थी कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर को भी मात देकर उन्होंने इस सीट से जीत हासिल की. इस बार भी समीकरण कुछ ऐसे बने हैं कि उनकी जीत सुनिश्चित मानी जा रही है. लेकिन बीते दो दिनों के भीतर ही कुछ ऐसा हो गया कि उनके माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं. ऐसा उनकी ही पार्टी के नेता नवजोत सिंह सिद्धू के एक बयान से हुआ है.

दरअसल बीते सोमवार को सिद्धू ने कटिहार के बलरामपुर में तारिक अनवर के लिए आयोजित चुनावी सभा में कहा कि जब सभी मुस्लिम एकजुट होकर मोदी के मोदी के खिलाफ वोट करेंगे, तभी तारिक अनवर जीत सकेंगे. यह सब उस बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र में हुआ, जहां से तारिक अनवर हिंदू-मुस्लिम, सभी के सामूहिक वोट से हमेशा बड़ी लीड लेते रहे हैं.

जाहिर है सिद्धू के इस बयान ने तारिक अनवर की सेक्युलर छवि को काफी नुकसान पहुंचाया. यही कारण था कि तारिक अनवर सिद्धू के इस बयान से आहत हो गए. उन्होंने तुरंत मीडिया को बुलाया और सफाई पेश करने की कोशिश की. उन्होंने साफ कहा कि सिद्धू के बयान से उनका कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि इसकी शिकायत वे आलाकमान से करेंगे.

साफ है कि तारिक अनवर ने सिद्धू के इस बयान से पल्ला झाड़ने की इसलिए कोशिश की है. दरअसल वे जानते हैं कि बीते चुनाव में भी अगर उन्होंने मोदी लहर के बावजूद जीत हासिल की थी तो वह सिर्फ मुस्लिम वोटों के कारण नहीं, बल्कि उन्हें सर्वसमाज का समर्थन हासिल था. तारिक अनवर यह भी जानते हैं कि अगर क्षेत्र में वोटों का ध्रुवीकरण हुआ और हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर वोट पड़े तो उनकी हार निश्चित है.

तारिक अनवर ने ऑन कैमरा तो नहीं, लेकिन ऑफ द रिकॉर्ड यह बात भी कही कि सिद्धू तो उन्हें साफ करने की नीयत से कटिहार की फिजा में हिन्दू-मुस्लिम का जहर घोल गए हैं. ऐसे में उनके लिए अब उनके सामने हिन्दू समाज में एक बार फिर विश्वास स्थापित करने की चुनौती आ खड़ी हुई है.

हालांकि उन्हें यकीन है कि हिन्दू समाज के लोग सिद्धू की बयान को गंभीरता से नहीं लेंगे, लेकिन इतना तो साफ है कि अब तक फ्रंटफुट पर नजर आ रहे तारिक अनवर फिलहाल बैकफुट पर नजर आने लगे हैं.