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Exclusive: नीतीश कुमार ने भेजा था दूत प्रशांत किशोर-बोली राबड़ी देवी

न्‍यूज डेस्‍क। राबड़ी देवी ने कहा कि इस प्रस्ताव को लेकर प्रशांत किशोर 10 सर्कुलर मार्ग स्थित सरकारी बंगले पर तीन बार आए थे. साथ ही तेजस्वी यादव के सरकारी बंगले 5 देशरत्न मार्ग पर वे 2 बार गए थे.

आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनना चाहते थे और इसके लिए वह लालू यादव से बड़ी डील करना चाहते थे. राबड़ी देवी ने दावा किया इसके लिए नीतीश कुमार ने जेडीयू और आरजेडी के मर्जर का प्रस्ताव भी भेजा था. पूर्व सीएम ने कहा कि नीतीश कुमार चाहते थे कि लालू यादव इस बात का ऐलान करें कि नीतीश कुमार हमारे पीएम पद के कैंडिडेट हैं. इस प्रस्ताव को लेकर नीतीश कुमार ने अपने दूत प्रशांत किशोर को लालू जी के पास भेजा था.

राबड़ी देवी ने कहा कि इस प्रस्ताव को लेकर प्रशांत किशोर 10 सर्कुलर मार्ग स्थित सरकारी बंगले पर तीन बार आए थे. साथ ही तेजस्वी यादव के सरकारी बंगले 5 देशरत्न मार्ग पर वे 2 बार आए थे. वह लालू जी को समझा रहे थे कि नीतीश कुमार कह कर भेजे हैं कि लोकसभा का चुनाव होने वाला है, तो आप प्रधानमंत्री पद की घोषणा कर दीजिए और पार्टी का मर्जर कर लीजिए, लेकिन हमने सहमति नहीं दी और कहा यहां से जाइयेगा कि नहीं.

राबड़ी देवी ने कहा कि पलटूराम फिर पलट गए हैं अब झूठ बोल रहे हैं. जबकि वह हमारे सामने ही आए थे. उन्होंने दावा किया कि सारे स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने भी उन्हें देखा. राबड़ी देवी ने कहा कि मेरे सामने ही प्रशांत किशोर ने लालू जी से कहा था कि आप दोनों फिर से एक साथ हो जाइए.

राबड़ी देवी ने कहा कि हमने इसका विरोध किया, क्योंकि हमें नीतीश कुमार पर विश्वास नहीं है. मैंने ही प्रशांत किशोर को अपने घर से बाहर निकाला. राबड़ी देवी ने साफ कहा कि प्रशांत किशोर झूठ बोल रहे हैं कि उन्होंने लालू-नीतीश को एक साथ लाने की कोशिश नहीं की.

बता दें कि आरजेडी चीफ लालू प्रसाद ने अपनी बायोग्राफी ‘गोपालगंज टु रायसीना: माइ पॉलिटिकल जर्नी’ में दावा किया है कि नीतीश ने महागठबंधन में वापसी के लिए कई बार अपने विश्वासपात्र प्रशांत किशोर (PK) को उनके पास दूत बनाकर भेजा था.

हालांकि लालू के इस दावे के बाद जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत ने सिरे से खारिज करते हुए उन्हें झूठा करार दिया था. प्रशांत किशोर ने स्‍वीकार किया कि वह जेडीयू में शामिल होने से पहले कई बार लालू यादव से मिले थे, लेकिन अगर वह यह बता दें कि इस मुलाकात में क्‍या बातचीत हुई, तो आरजेडी सुप्रीमो शर्मिंदा हो जाएंगे

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