राफेल पर सरकार को झटका, दोबारा सुनवाई SC ने की मंजूर

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नई दिल्ली। राफेल डील के मुद्दे पर सरकार को सुप्रीम कोर्ट में तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की दोबारा सुनवाई के लिए राजी हो गया है साथ ही उसने लीक हुए दस्तावेजों को भी मान्य करार दिया है। जबकि सरकार ने इन दस्तावेजों को खारिज करने की दलील दी थी। कोर्ट के फैसले के बाद अब इस मामले में दोबारा पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई होगी और लीक हुए दस्तावेज इस सुनवाई का हिस्सा होंगे।

दरअसल, कोर्ट में पुनर्विचार याचिका के साथ ही दस्तावेजों को लेकर भी याचिका दायर की गई थी। इन पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा है कि लीक हुए दस्तावेज मान्य हैं। सरकार ने अपनी दलील में कहा था कि यह दस्तावेज गोपनीय हैं और चोरी किए गए हैं। विशेषाधिकार वाले जिन दस्तावेजों के आधार पर यह याचिका लगाई गई है उन्हें इंडियन एविडेंस की धारा 123 के तबत सबूत नहीं माना जा सकता। यह सभी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

कोर्ट के फैसले के बाद पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले अरुण शौरी ने कहा कि हमारा तर्क था कि यह कागजात रक्षा सौदे से जुड़े हैं तो आप इन्हें देखें। आपने हमसे सबूत मांगे थे तो हमने सबूत पेश किए हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने सरकार की बात को खारिज किया है।

बता दें कि इस मामले में पिछले साल 14 दिसंबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील को तय प्रक्रिया के तहत होना बताया था। लेकिन अब जब फिर से इस मामले की सुनवाई होगी तो लीक हुए दस्तावेजों और सरकार द्वारा कोर्ट को दी गई जानकारी का मिलान किया जाएगा और उसके बाद तय होगा कि डील को लेकर याचिकाकर्ताओं के दावे कितने सही है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में पुनर्विचार याचिकाओं पर केंद्र सरकार की प्रारंभिक आपत्तियों पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में केंद्र की प्रारंभिक आपत्ति पर फैसला लेने के बाद ही आगे के तथ्यों पर विचार किया जाएगा।

केंद्र ने कोर्ट में कहा था कि पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता गैरकानूनी तरीके से हासिल किए गए विशेषाधिकार वाले दस्तावेजों को आधार नहीं बना सकते। केंद्र की तरफ से पेश हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि बिना संबंधित विभाग की अनुमति के कोई भी इन दस्तावेजों को कोर्ट में पेश नहीं कर सकता।

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