5000 शहरों में जबलपुर का 25वां नबर

स्वच्छता केमामले में प्रदेश ने फिर एक बार देशभर में परचम रहरा
दिया है। इंदौर जहां एकबार फिर सबसे साफ सुथरा शहर घोषित हुआ
है वही भोपाल को देश की सबसे स्वच्छ राजधानी होने का गौरव
प्राप्त हुआ है। उज्जैन को दस लाख से कम आबादी वाले शहरो में
पहले नंबर पर चुना गया है। सर्वेक्षण में मध्य प्रदेश फिर सरताज
बन गया है. देश के सबसे स्वच्छ शहर, सबसे स्वच्छ राजधानी और
10 लाख की आबादी का सबसे स्वच्छ शहर का अवॉर्ड मध्य प्रदेश
को मिला है. इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर और भोपाल सबसे
स्वच्छ राजधानी चुनी गयी है. 10 लाख की आबादी वाली कैटेगरी
में उज्जैन को सबसे स्वच्छ शहर चुना गया. इंदौर ने सफाई की हैट्रिक लगायी है. वो इस साल लगातार तीसरी बार स्वच्छता सर्वे में नंबर वन रहा जबकि जबलपुर को 5 हजार शहरों में 25वा स्थान मिला है। जागरुकता के मामले में जहां इंदौर की ओर से 80 हजार सुझाव भेज गए थे, वहीं जबलपुर से मात्र 6000 सुझाव भेजे गए। जबकि सुझाव से ही रैंकिंग तय होती है। दिल्ली में हुए समारोह में स्वच्छता अवॉर्ड की घोषणा की गयी. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद न मध्य प्रदेश को ये अवॉर्ड प्रदान किए. मध्य प्रदेश की ओर से मंत्री जयवर्धन सिंह ने ये पुरस्कार ग्रहण किया। भोपाल को देश की स्वच्छ राजधानी का प्रथम पुरस्कार मिला। भोपाल की ओऱ से महापौर आलोक शर्मा ने ये पुरस्कार लिया.3 से 10 लाख की आबादी वाली कैटेगरी में उज्जैन शहर ने बाज़ी मारी। इस कैटेगरी में उज्जैन सबसे स्वच्छ शहर चुना गया।
सबसे स्वच्छ राजधानी : भोपाल
सबसे सवच्छ शहर : इंदौर
3 से 10 लाख की आबादी : उज्जैन
5 हजार शहरों में 25वां स्थान : जबलपुर
सबसे स्वच्छ छोटा शहर : एनडीएमसी दिल्ली (तीन
लाख से कम आबादी)
सबसे स्वच्छ कैंटोनमेंट : दिल्ली कैंट
सबसे स्वच्छ गंगा टाउन : गौचर, उाराखंड