जीसीएफ का एक और अधिकारी है लापता

आधा दर्जन अधिकारियों पर सीबीआई की नजर
जबलपुर विशेष प्रतिनिधि। जीसीएफ के कनिष्ठ कार्य प्रबंधक एस सी खटुआ की मौत के बाद से सामान्य प्रक्रिया के तहत जांच कर रही सीबीआई अब अलर्ट मोड में आ गई है । उसकी नजर आधा दर्जन उन अधिकारियों पर है जो किसी ना किसी रूप में धनुष तोप के निर्माण से जुड़े रहे। इसी क्रम में स्वर्गीय खटुआ के वरिष्ठ अधिकारी रहे कार्य प्रबंधक प्रशांत प्रसन्ना भी हैं जिनका 18 जनवरी से पता नहीं ह हालांकि प्रशांत प्रसन्ना संस्थान से बीमारी की छुट्टी लेकर गए हैं। लेकिन नियमानुसार कोई भी अधिकारी छुट्टी के दौरान भी बिना सूचना के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता है ।लेकिन छुट्टी पर जाने के बाद कार्य प्रबंधक प्रशांत प्रसन्ना कहां है किसी को नहीं मालूम। याद रहे कि स्वर्गीय खटुआ की पत्नी और उनके भाई ने प्रशांत प्रसन्ना पर प्रता?ित करने के सीधे-सीधे आरोप लगाए थे ।स्वर्गीय खटुआ के लापता होने के 1 दिन पूर्व उक्त अधिकारी स्व.खटुआ के क्वाटर पर पहुंचा था और बातचीत के दौरान खटुवा को डांटा भी था। इसी के बाद से जे डब्ल्यू एम खटुआ लापता हुआ था ।बहरहाल सीबीआई की नजर कार्य प्रबंधक प्रशांत प्रसन्ना के साथ संस्थान के एक उप महाप्रबंधक दो संयुक्त महाप्रबंधक सहित आधा दर्जन अधिकारियों पर है ।दूसरी ओर जीसीए प्रबंधन इस मामले को लेकर अभी भी गंभीर नहीं हैं। उनका कहना है कि प्रशांत प्रसन्ना मेडिकल लीव पर हैं ।लेकिन उनके मुख्यालय में होने पर चुप्पी साधे है।
आडिट टीम को समझा सीबीआई टीम
कल जीसीएफ में पहुंची सेफ्टी ऑडिट टीम को कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने सीबीआई की टीम समझ लिया और पूरी निर्माणी में यह खबर फैल गई कि सीबीआई टीम आ धमकी है। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नागपुर से संरक्षा (सेफ्टी) टीम निरीक्षण के लिए आई हुई थी। बताया जाता है कि यह नियमित प्रक्रिया है वर्ष में एक बार नागपुर से उक्त टीम मशीन और संयंत्रों के रख रखाव के निरीक्षण के लिए आती है। बहरहाल इस इस स्थिति स्पष्ट होने से मामला निर्माणी में तो शांत हो गया। लेकिन शहर में यही चर्चा व्याप्त रही थी सीबीआई टीम ने जीसीएफ में धावा बोला है।