खुलेआम चल रहे अवैध होम गैस रिफिलिंग पंप स्टेशन

एलपीजी सिलेंडरों से गंभीर हादसों के बीच शहर के बीच घरेलू गैस सिलेंडरों से रिफिलिंग का खुला खेल चल रहा है अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए ज्यादातर ऑटो संचालक घरेलू गैस से ऑटो द्वारा रहे हैं इन्हें गैस रिफिलिंग की सुविधा के लिए शहर में सघन बस्तियों के बीच होम गैस रिफिलिंग पंप खुल गए हैं अवैध तरीकों से घरों से चल रहे इन पंप स्टेशन में जुगाड़ से बनाई गई रिफिलिंग की पूरी यूनिट लगी हुई है धड़ल्ले से घरेलू गैस की टंकी से निकालकर ऑटो में ट्रांसफर किया जा रहा है इस प्रक्रिया में गैस टंकी के नोजल डैमेज हो रहे हैं रेगुलर सेटिंग्स में समस्या से दुर्घटना के खतरे बड़े हैं इसके बावजूद खुलेआम अवैध होम गैस रिफिलिंग पंप स्टेशन चल रहे हैं                         

छोटी कमाई बड़ा जोखिम        –

वाहनों को गैस से चलाने से पेट्रोल डीजल के अपेक्षाकृत अधिक माइलेज मिलता है ईंधन के कुछ पैसे बचा कर अपनी आमदनी बढ़ाने के प्रयास में ज्यादातर ऑटो चालक घरेलू गैस से वाहन दौड़ा रहे हैं लेकिन घरेलू गैस की रिफिलिंग की यह प्रक्रिया लोगों को बड़े जोखिम में डाल रही है गैस ट्रांसफर करने के लिए प्रेशर तकनीक अपनाई जाती है इस दौरान विस्फोट का खतरा रहता है रिफिलिंग के लिए गैस टंकी में अनाधिकृत कंपनियों के रेगुलेटर और उपकरण सेट किए जाते हैं इससे नोजल डैमेज हो रहे हैं कई बार कट जाते हैं जिसके चलते इन सिलेंडरों को घर में उपयोग किया जाता है तो कई बार रेगुलेटर फिट नहीं होते कई बार गैस का रिसाव होता है अनदेखी बड़े हादसे का सबब बन रही है।                                   हॉकर्स की सांठगांठ-

घरेलू गैस के रिफिलिंग का कारोबार एलपीजी गैस की कालाबाजारी के कारण तेजी से बढ़ा है वाहनों में लगने वाली गैस अपेक्षाकृत महंगी है इसके चलते ज्यादातर जालक घरेलू गैस से वाहन चला रहे हैं इसके लिए अवैध रिफिलिंग सेंटर के संचालक गैस एजेंसियों के होकर से घरेलू गैस को कुछ अधिक दाम देकर खरीद लेते हैं होकर सो रिफिलिंग करने वालों के बीच सांठगांठ के चलते बड़ी संख्या में एलपीजी गैस घर की रसोई के बजाय वाहनों के ईंधन टैंक में पहुंच रही है आसानी से घरेलू गैस उपलब्ध होने के कारण रिफिलिंग का कारोबार बढ़ रहा है।       

यह है कमाई-

गैस ट्रांसफर 70 से ₹80 प्रति किलो की दर से की जाती है इसमें गैस सहित भरवाई शामिल रहती है कम से कम 2 किलो गैस बेची जाती है जानकारों का कहना है कि कारों में फुल टैंक करवाया जाता है जिसकी कीमत ₹800 वसूल की जाती है अवैध रूप से गैस भरने वाला ₹550 में रसोई सिलेंडर लेकर उसकी गैस 800 से ₹1000 में बेच देता है।                    गति से वाल्व होता कमजोर- विशेषज्ञ बताते हैं कि रसोई गैस सिलेंडर का मुख्य से माल लोगों के घरों में होता है यहां पर सिलेंडर में भरी लिक्विड फाइट गैस हवा के संपर्क में आते ही गैस में कन्वर्ट होती है जिसमें फिल्म बनता है इसमें गैस सिलेंडर पर सामान्य ताप भी पड़ता है अभी यह होने लगा है कि शहरों की कारों और तो और वाहनों में एलपीजी सिलेंडरों की चोरी छिपे रिफिलिंग की जाती है इस रिफलिंग में शकिंग के लिए मोटर का इस्तेमाल किया जाता है इससे कुछ ही देर में एलपीजी सिलेंडर की गैस वाहन की टंकी में ट्रांसफर हो जाती है इससे यह होता है कि लगातार प्रेशर से गैस खींचने की वजह से सिलेंडर में लगे वॉलपेपर 1hp और 12 एचपी का प्रेशर पड़ता है जिससे यह कमजोर हो जाता है और खाली सिलेंडर में गैस होने के बाद कभी भी किसी भी सिलेंडर से गैस लीक होने लगती है।                     

    बचाव के उपाय।   

1. रात में रसोई का काम समाप्त होने पर रेगुलेटर के नोट को बंद करके ही सोना चाहिए गैस के पाइप को हर छह माह में बदलना चाहिए रेगुलेटर को भी कुछ वर्षों के अंतराल में बदल देना चाहिए।

2.  सिलेंडर की रेगुलेटर में आग लगने पर उसे बंद करना मुश्किल होता है ऐसे में सिलेंडर को खुले स्थान पर ले जाने का प्रयास करना चाहिए टंकी पर गीला कपड़ा डालकर आग बुझाना चाहिए इसके बाद नोजल बंद करना चाहिए।

  3. सिलेंडर की नोजल से आग निकलने पर उसे बुझाने के लिए सबसे पहले सिलेंडर को तिरछा करके बाहर फेंक देना चाहिए फिर उसे किसी पानी के टैंक आसपास में तालाब में डुबो देना चाहिए सिलेंडर के ऊपर ही भारी मात्रा में रेट भी डाल सकते हैं बिजली का मैन स्विच ऑफ करें बाकी सदस्यों को घर से बाहर भेज दे गैस एजेंसी को सूचित करें आग लगने पर यदि काबू से बाहर हो तो फायर ब्रिगेड को सूचित करें। 

  4.   गैस चूल्हे पर रेट और दूध का पतीला चढ़ा कर दूसरे कार्य में बिजी नहीं होना चाहिए। इसमें कई बार हम गैस ऑन होने की बात भूल जाते हैं इससे तेल बेहद गर्म होकर आग पकड़ लेती है।

5. लीकेज या आग निकल रही है तो गैस सिलेंडर के आस पास रखी ज्वलनशील वस्तुओं को तुरंत वहां से हटा देना चाहिए अग्निशामक यंत्र है तो उसका उपयोग करें