17 दिन से लापता रहे मैनेजर,लाश क्षतविक्षत हालत में मिली

जबलपुर.गन कैरिज फैक्टरी (जीसीएफ) के जूनियर वक्र्स मैनेजर एससी खटुआ की हत्या कर लाश को पाटबाबा के पीछे जंगल में फेंक दी गई, आज मंगलवार को शाम 4.30 बजे के लगभग कुछ लोगों ने क्षतविक्षत हालत में लाश देखी तो सनसनी फैल गई, देखते ही देखते मौके पर परिजनों सहित अन्य लोग पहुंच गए, जिनकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मौके पर पुलिस को बड़ी ब्लेड मिली है, जिससे हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही है.

गौरतलब है कि एसपी खटुआ पिछली 17 जनवरी से लापता रहे, जिनकी पुलिस द्वारा तलाश की जा रही थी. बताया जाता है कि बोफोर्स के स्वदेशी वर्जन धनुष तोप में चीनी कलपुर्जे लगाने के मामले में जीसीएफ के जूनियर वक्र्स मैनेजर एससी खटुआ भी सीबीआई की जांच के दायरे में रहे, इधर सीबीआई की जांच चल रही थी, कि 17 जनवरी को श्री खटुआ अपने न्यू कालोनी स्थित आवास से अचानक लापता हो गए. श्री खटुआ के अचानक लापता होने से परिजन भी परेशान हो गए, जिन्होने अपने स्तर पर तलाश की लेकिन खटुआ का कही पता नहीं चल सका, इसके बाद जेडब्ल्यूएम श्री खटुआ के गुम होने की परिजनों ने घमापुर थाना में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी, इसके बाद से पुलिस भी तलाश में जुटी रही.

आज मंगलवार को शाम 4.30 बजे के लगभग एससी खटुआ की लाश पाटबाबा मंदिर के पीछे पहाड़ी से लगे सूखे नाला के पास क्षतविक्षत हालत में मिली, जिसपर धारदार हथियारों के निशान भी मिले है, घटना की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी भी तत्काल मौके पर पहुंच गए, जिन्होने जांच की तो लाश के पास बड़ी ब्लेड भी मिली, जिससे यह और पुख्ता हो गया कि हत्या की है. हालांकि मामले में सीएसपी रांझी अखिल वर्मा का कहना है कि लाश पूरी तरह से डिकम्पोज हो चुकी है, मौके पर ब्लेड जरुर मिली है, जिससे मामला संदेहास्पद हो गया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा.

सीबीआई ने आफिस व घर पर मारा था छापा-

धनुष तोप घोटाले के मामले में संदेही जेडब्ल्यूएम एससी खटुआ के घर व आफिस में सीबीआई की टीम ने छापा मारकर मामले से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए थे, यहां तक कि श्री खटुआ से पूछताछ की जा रही थी. श्री खटुआ की मौत के बाद तरह तरह क ी चर्चाएं सामने आ गई है.

क्षतविक्षत हालत में मिली है लाश-

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लाश देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि करीब दस दिन से ज्यादा हो चुके है एससी खटुआ की मौत के, क्यांकि शव पूरी तरह डिकम्पोज हो चुका है, शरीर पर जगह जगह से मांस तक निकल चुका है, कीड़े लगे हुए है.

सीबीआई जांच को प्रभावित करने की हत्या-

जीसीएफ के जेडब्ल्यूएम एसपी खटुआ भी धनुष तोप घोटाले में संदेही रहे, जिसके चलते सीबीआई ने उनपर भी शिकंजा कसा रहा, यहां तक कि आफिस व घर पर छापा मारकर अह्म दस्तावेज भी बरामद किए थे, जल्द ही श्री खटुआ से मामले में पूछताछ की जाने वाली थी, इससे पहले उनकी मौत हो गई. जिससे तरह तरह के सवाल उठ खड़े हुए है, कही सीबीआई की जांच को प्रभावित करने के लिए तो नहीं की गई है हत्या, क्योंकि मामले में कई अधिकारी संदेह के घेरे में है.

मौत की खबर से जीसीएफ में रोष 

महा प्रबंधक के साथ एसपी और कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन जबलपुर विशेष प्रतिनिधि। विगत 17 जनवरी को रहस्यमय ढंग से लापता हुए जीसीएफ के कनिष्ठ कार्य प्रबंधक एस सी कठुआ लाश मिलने के बाद से जीसीएफ के सारे कर्मचारी और अधिकारी  उद्ददेलित रहे। सुबह से ही निर्माणी के  प्रत्येक अनुभाग के कर्मचारी ड्यूटी पर आते ही नाराज रहे और आपस में चर्चा के दौरान रोष व्यक्त करते रहे। जिसमे जीसीएफ के राजपत्रित अधिकारी संघ,अराजपत्रित अधिकारी संघ, मजदूर संघ हथौड़ा, श्रमिक संघ, कर्मचारी यूनियन और एससी एसटी यूनियन के पदाधिकारियों ने अपने अपने ज्ञापन पहले तो महाप्रबंधक को सौपे । उसके बादसैकड़ों की संख्या में अधिकारी कर्मचारी एसपी और जिला अध्यक्ष कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने ज्ञापन सौंपा। सभी यूनियन एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सीबीआई की जांच के चलते बड़े अधिकारियों ने छोटे अधिकारी को मोहरा बनाकर उसे मौत के घाट उतार दिया और उस की मौत को आत्महत्या का बताने का प्रयास किया जा रहा है। मांग की गई है ,कि इस मामले की बारीकी से जांच की जाए और धनुष के बेरिंग घोटाले में संलिप्त बड़े चेहरों को उजागर किया जाए।