आमदनी अठन्नी खर्चा रूपया

शहर की पानी सप्लाई मे खर्च 40 करोड़ वसूली 26 करोड़
जबलपुर,प्रतिनिधि। नगर निगम का जलकर विभाग वसूली मे फिसड्डी साबित हो रहा है हालत यह है कि शहर को पानी पिलाने में नगर निगम हर साल करीब 40 करोड़ रुपया खर्च कर रहा है। लेकिन जलकर का सिर्फ 20 से 26 करोड रुपया ही नगर निगम के खाते में जमा होता है। बाकी बकाया खाते में चला जाता है यही वजह है कि बकाया जलकर की राशि का आंकड़ा एक अरब के ऊपर पहुंच गया है।
शहर को पानी देने में नगर निगम का खर्च साल दर साल बढ़ता जा रहा है। अब यह आंकड़ा 40 करोड़ के आसपास पहुंच गया है लेकिन जितना खर्च हो रहा है उतना जलकर वसूल नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि लगातार अभियान चलाने के बाद भी निगम बकाया जलकर कम नहीं कर पा रहा है। पिछले साल तक शहर पर पानी का करीब 1अरब 12 करोड़ रुपया बकाया था जो इस साल बढ़कर 1 अरब 23 करोड़ पर पहुंच गया है। विदित हो कि जलकर वसूलने के काम में राजस्व विभाग के साथ ही जलविभाग का भी पूरा अमला लगा है लेकिन इसके बाद भी इस साल 31 जनवरी तक मात्र 14 करोड़ रुपया ही जलकर के खाते में जमा हुआ है।
आंकड़े दे रहे गवाही
नगर निगम ने शहर में वैध नलों की संख्या बढ़ाकर करीब 1 लाख 50 हजार कर ली है। लेकिन यह अभी तक आंकड़ों में ही है क्योंकि पिछले साल तक मात्र 50 हजार लोगों ने ही जलकर जमा किया था। जबकि नगर निगम का अमला हर घर में दस्तक दे रहा है। यदि यह आंकड़ा सही होता तो जलकर जमा करने वालों की संख्या भी बढ़ती जाती।
जेएनएनयूआरएम की शर्त
शहर विकास के लिए नगर निगम को जेएनएनयूआरएम से अरबों की राशि मिल रही है। लेकिन जेएनएनयूआरएम की पहली शर्त सात साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। इसके तहत नगर निगम पानी में जितना खर्च कर रहा है उसे जलकर के रूप में उतनी राशि वसूलना है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो जो काम चल रहे हैं उनके लिए मिलने वाली किश्त बंद भी की जा सकती है।
क्या है स्थिति
40 करोड़ लगभग हर साल पानी में होता है खर्च
26 लाख रुपया पिछले साल आया था जलकर
1 अरब 25 करोड़ रुपया बकाया है जलकर का
50 हजार लोगों ने पिछले साल जमा किया था जलकर