लोकतंत्र की कुर्सी पर डाला अपना रूमाल

सोशलमीडिया में स्वंयभू महापौर और सांसद प्रत्याशी बने कांग्रेस नेता
जबलपुर,नगर प्रतिनिधि। प्रदेश में सत्ता वापिसी के साथ ही कांग्रेस के नेताओं में महत्वकांक्षाए पनपती जा रही है। पार्टी नेता कांग्रेस सरकार बनते ही अब अपनी सत्ता में ंहिस्सेदारी स्वंय ही तय करते नजर आ रहे है। सराहा सोशल मीडिया का ले रहे है। ये नेता स्वंयभू महापौर और सांसद प्रत्याशी के रूप में अपने आपको प्रस्तुत कर रहे है। शहर के निगम से जुड़े कांग्रेस नेता ने तो खुद को महापौर पद का पार्टी प्रत्याशी स्वंय ही घोषित कर दिया है। वही वित्तमंत्री तरूण भनोत के छोटे भाई और निगम के पूर्व पार्षद गौरव भनोत अपने आपको लोकसभा प्रत्याशी के रूप मे प्रस्तुत कर रहे है। जिसके लिये इन्होने सोशल मीडिया को माध्यम बनाया है और इसमे जमकर प्रचार किया जा रहा है। जिसको लेकर राजनीतिक हल्कों मे जमकर चुटकियां ली जा रही है। लोगों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के पूर्व ही नेता द्वारा स्वंय को महापौर प्रत्याशी घोषित कर महापौर की सीट मे अपना रूमाल डाल सुरक्षित करने का प्रयास है।
कार्यकर्ता कर रहे महिमामंडन
इन नेताओं से जुड़े लोग इनकी इन हसरतों को परवान चढ़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है।
और अपनी इस ख्वाहिश को अमलीजामा पहनाने के लिये इन्होने सोशल मीडिया मे अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया है। कार्यकर्ता भी भईया की इस ख्वाहिश को बकायदा वायरल कर रहे है और इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है जैसे पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी घोषित कर दिया हो।
क्या है सोशल मीडिया में माहौल
एक समर्थक लिखता है कि क्या आप जबलपुर के नए महापौर फलां नेता को बनाना चाहते है। वही दूसरा समर्थक लिखता है कि महापौर प्रत्याशी के रूप मे फलां नेता से अच्छा कोई दूसरा नेता नही है। साथ ही मंत्री जी के भाई को सांसद बनाने के लिये लॉबिंग इस तरह तेज है किकुछ दिनों पूर्व ही कुछ युवाओं के साथ ही शहर के बुद्विजीवियों को बैठाकर उनसे राय मशवरा लिया जा रहा है।
केंट पार्षद ने तो अपने चहेते दोस्त को महापौर ही बना दिया
केंट क्षेत्र से आने वाले एक पार्षद ने तो अपने दोस्त को इस तरह सोशल मीडिया मे प्रस्तुत किया जैसे पार्टी ने उसे महापौर के प्रत्याशी के लिये चुन लिया हो।
गुटबाजी का दौर शुरू
विधानसभा चुनाव मे शहर मे कांग्रेस की सफलता से अतिउत्साहित नेताओं ने अब अपने नामों को लेकर मोर्चाबंदी शुरू कर दी है,इनके इस प्रयास ने पार्टी के भीतर गुटबाजी को भी हवा दे दी है। महापौर प्रत्याशी के रूप मे स्वंय को प्रस्तुत कर रहे नेता ने तो लोकसभा के चुनाव के पूर्व ही स्वंय का महिमामंडन कर अपने प्रतिस्पर्धी नेताओं को संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी मे उनका नाम तय है इसलिये बेवजह प्रयास न करें।
अपने आका पर विश्वास
बताया जा रहा है कि इन राजनीतिज्ञों की हवाबाजी के पीछे इनके आकाओं द्वारा दिया गया आश्वासन है। कार्यकर्ता छाती ठोंककर कहते नजर आ रहे है कि भईया भाईसाहब के सबसे खास है और भाईसाहब ने भईया से साफ कह दिया है कि इस बार तुझे सांसद या महापौर बना दूंगा।