बत्ती गुल मीटर चालु

शहर के कई क्षेत्रों में परेशान है बिजली उपभोक्ता
जबलपुर। सरकार बदली तो उपभोक्ता बिजली बिल हाफ करने की उम्मीद लगाए बैठे थे। लोगों को उम्मीद थी कि उनके बिजली बिल आधे हो जाएंगे लेकिन इसके उलट उनकी परेशानी बढ़ गई है। रोजाना किसी न किसी क्षेत्र में बिजली की आंखमिचौनी शुरू हो गई है। कहीं थोड़ी देर के लिए बिजली गुल होती है तो कहीं घंटों बाद तक नहीं आती। उपभोक्ता को न तो कारण पता है और न ही बिजली जाने का समय। बच्चों की परीक्षा के दौर में उनकी पढ़ाई भी प्रभावित भी हो रही है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो बोर्ड परीक्षाओं में छात्राओं का ज्यादा नुकसान होगा।
केस 1-
बेदी नगर में मंगलवार को शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक बिजली बंद रही। स्कूलों में बच्चों की परीक्षा चल रही है। ऐसे में पढ़ाई करना मुश्किल हो गया। कई बच्चे इमरजेंसी लाइट के साथ पढ़ाई करते रहे। शिकायतें बिजली विभाग में ढेर हुई। पता चला फॉल्ट आया था। जिसे सुधारने में वक्त लगा।
केस-2
महाराजपुर सुभाषनगर हर्ष कॉलोनी में बुधवार को दोपहर 3 बजे बिजली सप्लाई बंद हुई। करीब एक घंटे बाद बिजली दोबारा चालू हुई।
केस 3-
विजय नगर संभाग त्रिमूर्ति नगर में दोपहर 3.30 बजे बिजली सप्लाई बंद हुई। 5 मिनट का ये शट डाउन हुआ। दोबारा बिजली चालू हो गई। यहां आए दिन बिजली आती-जाती है।
केस 4-
विजय नगर संभाग के नंदन बिहार में दोपहर को मेंटेनेंस के लिए बिजली अधिकारियों ने क्षेत्र में बिजली सप्लाई बंद कर दी। नई कैबिल लगाने का काम यहा हुआ। करीब दो घंटे सप्लाई बंद रखी गई।
ये हालात हैं शहर के अलग-अलग इलाकों के जहां उपभोक्ता बिजली बंद होने की परेशानी झेल रहे हैं। ऐसे हालात तब हैं जबकि मंत्री और विधायक लगातार बिजली सप्लाई को चालू रखने की डिमांड बिजली अफसरों से कर रहे हैं। अफसर भी कई बार सप्लाई बंद होने की घटना से अनजान होते हैं। सूत्रों की मानें तो कई मेंटेनेंस इंजीनियर ही अपने स्तर पर बिजली सप्लाई बंद कर रहे हैं।
ठेकेदारों से साठगांठ-
बिजली इंजीनियर इलाकों में अलग-अलग काम करने वाले ठेकेदारों को फायदा देने के लिए उपभोक्ताओं को परेशान कर रहे हैं। कई इंजीनियर लाइन लगाने या दूसरे काम करने वाले ठेकेदारों के साथ मिलकर मनमर्जी से बिना सूचना के लाइन बंद कर देते हैं। इसकी सूचना संभाग के मुखिया तक को नहीं पहुंचती है। उपभोक्ता जब शिकायत ऊपर करते हैं तो पता चलता है कि सप्लाई बंद हुई है। बताते हैं कि शिकायत केन्द्रों में भी जहां सप्लाई बंद है उनके मामले की अनदेखी कर दी जाती है।
अधीक्षण यंत्री आइके त्रिपाठी कहते हैं कि
बिजली सप्लाई निरंतर दी जा रही है। मेंटेनेंस का काम करने से पहले सूचना बकायदा उपभोक्ता को दी जाती है। बिना सूचना के कही भी सप्लाई नहीं बंद होती है।