कैबिनेट बैठक होने से क्या होंगे बदलााव

जबलपुर।
महाकोशल की राजनीति के प्रमुख केन्द्र जबलपुर में जल्द ही सरकार कैबिनेट बैठक करने जा रही है। तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन प्रशासनिक तैयारियां शुरू करने के संकेत मिले चुके हैं। हालांकि सरकार की ओर से कोई भी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं कर रहा है, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में बैठक से जुड़ी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
कैबिनेट की बैठक में स्थानीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि महाकोशल के विकास से जुड़े मसलों को प्राथमिकता से उठाने पर जोर देंगे। इसमें जबलपुर में मेट्रो ट्रेन दौड़ाने और टूरिज्म सेक्टर में विभिन्न संभावनाओं को देखा जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने पायली को हनुवंतिया की तर्ज पर डेवलप करने का दावा किया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके अलावा वाटर स्पोर्ट्स की एक्टिविटी को भी ब?ावा देने जैसी योजना पर विचार हो सकता है। जबलपुर को मप्र के अन्य शहरों से सीधा सड़क मार्ग से जोडऩे के लिए इंदौर-भोपाल की तर्ज पर वोल्वो बस सेवाएं शुरू करना। ऐसे कई मामलों पर प्राथमिकता के साथ निर्णय हो पाएगा।
सरकार के आला अधिकारियों ने कलेक्टर को कैबिनेट बैठक से जुड़ी तैयारियों को करने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि फरवरी में बैठक होने की संभावना है। इसके लिए जबलपुर को चुना जा सकता है। ऐसे में तैयारियां अभी से रखी जाएं। प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को विकास से जुड़े कार्यों के प्रस्ताव बनाकर रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री और सरकार के 28 मंत्री कैबिनेट का हिस्सा होंगे। इसके अलावा हर विभाग के प्रमुख सचिव, मंत्रियों का स्टाफ भी आएगा। करीब दो सैकड़ा से ज्यादा प्रशासनिक अफसर प्रदेशभर से कैबिनेट की बैठक में शामिल होने आएंगे। बैठक के लिए प्रशासन को सुरक्षित और सुविधाजनक जगह चिन्हित करनी है। फिलहाल बिजली कंपनी का मुख्यालय शक्तिभवन या भेड़ाघाट को बैठक के लिए चुना जा सकता है।
जबलपुर को राजधानी नहीं बनने का दुख कैबिनेट होने से थोड़ा कम होगा। भाजपा सरकार ने हनुवंतिया में कैबिनेट कर प्रदेशभर में उसकी ब्रांडिंग की। कांग्रेस की सरकार यदि भेड़ाघाट में बैठक करेगी तो देशभर में भेड़ाघाट का सौर्न्दय निखरेगा। जबलपुर का तेजी से विकास होगा।
पाटन विधायक अजय विश्नोई का कहना है कि
जबलपुर में कैबिनेट करवाने की हमारी कोई मांग नहीं है। यदि सरकार बैठक करती है तो निर्णय का स्वागत किया जाएगा। इससे जबलपुर शहर के विकास को लेकर अहम फैसले हो सकते हैं। अभी देखना होगा कि सरकार दावे ही कर रही है या हकीकत में विकास का कार्य होता है।
वहीं वित्त मंत्री तरुण भानोत कहते हैं कि
जबलपुर में कैबिनेट की बैठक हो, ये शहर की जनता की भावना है। इसके बारे में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया है। यहां कैबिनेट बैठक होती है तो इससे शहर का गौरव बढ़ेगा। विकास कार्य तेज होंगे। सभी विभागों के मंत्री अफसर आएंगे तो निश्चित ही कार्य तेज गति से होगा। जबलपुर ही नहीं पूरे महाकोशल क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा।
शहर के बरगी विधायक का कहना है कि भेड़ाघाट में कैबिनेट बैठक होनी चाहिए। इससे भेड़ाघाट राष्ट्रीय स्तर लोकप्रिय होगा। इसका फायदा क्षेत्र की जनता को मिलेगा। कैबिनेट होने से बरगी विधानसभा को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि यहीं से जु?े ज्यादातर मसलों पर निर्णय होगा। ये शहर के लिए बड़ी सौगात होगी।
वहीं उत्तर मध्य की विधायक विनय सक्सेना बताते हैं कि
कैबिनेट बैठक यहां होने पर शहर के विजय नगर में दो बड़ी आवासीय परियोजना और आधुनिक सुविधा वाला ट्रांसपोर्ट नगर डेवलप करने का प्लान है। इससे शहर के विकास से जुड़ं मुद्दे तेजी से हल होंगे।

लंबे समय से उपेक्षा, अब विकास-

मैं लंबे समय से जबलपुर के विकास को लेकर मांग करता आ रहा हूं। राजधानी नहीं बनने की वजह से पहले ही शहर की उपेक्षा हो चुकी है। यदि कैबिनेट होती है तो यह शहर को नई पहचान दिलाएगी। महाकोशल के मुद्दों को प्राथमिकता से रखा जाएगा। फिलहाल बैठक को लेकर कोई जानकारी नहीं है।
-विवेक कृष्ण तन्खा, सदस्य, राज्यसभा