नटवरलाल का भी बाप निकला छुट्टन

कभी नेता तो कभी व्यापारी तो कभी साधु बाबा बन जाता था छुट्टन
घमापुर थानान्र्तगत क्षेत्र के ही आईसक्रीम दुकान संचालक को एक महिला के माध्यम से झूठे मामले मे फंसाने वाले कथित ठग ओमप्रकाश रजक उर्फ छुट्टन कोई छोटा मोटा ठग नही बल्कि एक शातिर ठग है। पुलिस के साथ मिलकर वह ठगी के कृत्य को अंजाम दिया करता था। वही पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने आइसक्रीम पार्लर संचालक को ब्लैकमेल कर रुपए वसूलने वाली महिला और उसके साथी का साथ देने के मामले में सिविल लाइन थाने के प्रधान आरक्षक घनश्याम दास को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। पुलिस के अनुसार प्रधान आरक्षक घनश्याम के मोबाइल में आरोपितों के फोन आए थे। इससे उसकी भूमिका संदिग्ध लग रही थी।
रांझी सीएसपी अखिल वर्मा ने बताया कि आरोपितों के बारे में पतासाजी की गई। जिसमें ज्योति के बारे में पता चला है कि वह ग्वारीघाट की रहने वाली है और कुछ दिन पहले ग्वारीघाट से मकान छोड़कर घमापुर में आ गई थी। वहीं आरोपित ओमप्रकाश घमापुर गोपाल होटल के पास का रहने वाला है। दोनों व्यापारियों को फंसाकर ब्लैकमेल करते है। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद मामला स्पष्ट हो पाएगा। वहीं कई अन्य मामले भी सामने आ सकते है।
नरसिंहपुर मे बना था बाबा
सूत्र बताते है कि मामले मे आरोपी छुट्टन ठगी का उस्ताद है जो नरसिंहपुर मे प्रख्यात बाबा बनकर भी जा चुका है जहां उसका भारी स्वागत किया गया और विशाल शोभायात्रा भी निकाली गयी थी , जिसमें हजारों की संख्या मे महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए थे।
सोना डबल करने की लालच
आरोपित ठग लोगों को सोना डबल करने की लालच देकर उनके साथ ठगी किया करता था। बातचीत मे माहिर छुट्टन लोगों को अपनी बातों के जाल मे सहजता से फंसा लिया करता था और उन्हें सोना डबल करने का आश्वासन देकर उनकी साथ ठगी किया करता था।
राजनीतिज्ञों से भी है संबंध
छुट्टन की शातिरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह लोगों का भरोसा जीतने के लिये राजनीतिक शख्सियतों के साथ मेल मिलाप भी किया करता था जिससे लोग उससे ज्यादा प्रभावित हो जाया करते थे। अभी हाल ही मे कैबिनेट मंत्री लखन घनघोरियां की विशाल रैली मे भी छुट्टन मंत्री के साथ रैली मे वाहन मे लखन के साथ खड़ा दिखाई दिया था।
पार्षद चुनाव भी लड़ चुका
छुट्टन इससे पूर्व मे पार्षद का चुनाव भी लड़ चुका है झामनदास चौक क्षेत्र मे वह निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी के रूप मे चुनाव चिन्ह प्रेस से खड़ा हुआ था लेकिन चुनाव हार गया।
पुलिस का मुखबिर
छुट्टन पुलिस का मुखबिर भी था जो पुलिस को सूचनाएं दिया करता था। पुलिस के साथ गठजोड़ यही से उसका होना शुरू हुआ था और वह इन भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर व्यूह रचना किया करता था जिसमें पूरा सहयोग इसके साथ पुलिसकर्मी भी किया करते थे। पुलिस पर अपनी धाक जमाने के लिये छुट्टन ने घमापुर थाने के पीछे पुलिस की वॉलीबाल प्रतियोगिता भी करवाई थी जिसमें पूर्व पुलिस अधीक्षक को भी आंमत्रित किया था।
यह है मामला
घमापुर क्षेत्र में लालमाटी द्वारका नगर निवासी टेकचंद गौतम (55) का आइसक्रीम पार्लर है। 11 जनवरी को ज्योति नामक महिला ने उससे काम मांगा। टेकचंद के मना करने पर महिला ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया। बाद में उसने टेकचंद से एक हजार रुपए लिए और टेकचंद से भेड़ाघाट चलने कहा। 13 जनवरी को ज्योति घर दिखाने के बहाने टेकचंद को सिविल लाइन थाने के सामने अपार्टमेंट में ले गई। जहां उसके साथ गलत हरकतें करने लगी। दहशत में टेकचंद भागने लगा, तभी ज्योति का साथी ओमप्रकाश आ गया। ओमप्रकाश ने अपने आपको पत्रकार बताया और फिर जबरदस्ती टेकचंद की पैंट उतरवाकर उसकी फोटो खींच ली। इसके बाद दोनों उसे ब्लैकमेल कर दो लाख रुपए मांगने लगे। जब टेकचंद ने इंकार किया, तो ओमप्रकाश ने फोन करके सिविल लाइन थाने से दो पुलिस कर्मियों को बुला लिया। पुलिस के पहुंचते ही टेकचंद दहशत में आ गया, लेकिन ओमप्रकाश ने मामला संभालते हुए घरेलू मामला होने की बात कहकर पुलिस कर्मियों को वापस कर दिया। ओमप्रकाश और ज्योति ने उसे धमकाते हुए 62500-62500 के दो चेक लिए। इसके बाद भी दोनों उससे 75 हजार की मांग कर धमका रहे थे। जिसकी शिकायत आइसक्रीम पार्लर संचालक ने थाने में की थी।
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यह बड़ा मामला है ओमप्रकाश नामक शख्स द्वारा व्यापारी को झूठे मामले मे फंसाने की सूचना हमे प्राप्त हुई थी जिसपर तत्परता से कार्रवाई की गयी है। मामले मे छुट्टन की और भी कारगुजारियों से पर्दाफाश किया जायेगा।
ब्रजेश मिश्रा, थाना प्रभारी घमापुर