कैसे दे दी सेवानिवृत्ति ?

खनिज विभाग के प्रबंधक को 60 वर्ष में सेवानिवृत्त करने का आदेश निरस्त
जबलपुर। हाईकोर्ट ने खनिज विभाग के प्रबंधक को 60 वर्ष में सेवानिवृत्त करने का आदेश निरस्त कर दिया गया है। न्यायमूर्ति नंदिता दुबे की एकलपीठ ने राज्य शासन को आदेशित किया है कि प्रबंधक को 62 वर्ष तक सेवा में रखा जाए। एकलपीठ ने प्रबंधक को बकाया वेतन भुगतान करने का भी आदेश दिया है।
सरस्वती नगर जवाहर चौक भोपाल निवासी तारे कालवेले की ओर से अधिवक्ता अभिजीत भौमिक ने पक्ष रखा। उन्होंने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता खनिज विभाग में प्रबंधक के पद पर कार्यरत था। राज्य सरकार ने 31 मार्च 2018 को मध्यप्रदेश शासकीय सेवक (अधिवार्षिकी आयु ) नियम में संशोधन कर प्रथम श्रेणी से लेकर तृतीय श्रेणी के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी। खनिज विभाग में भी इस आदेश को लागू किया गया। इसके बाद भी उन्हें 31 मार्च 2018 को 60 वर्ष में सेवानिवृत्त कर दिया गया। राज्य सरकार ने 31 मार्च 2018 को सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने का आदेश लागू कर दिया, लेकिन इसका लाभ याचिकाकर्ता को नहीं दिया गया। याचिकाकर्ता को 60 वर्ष की आयु में ही सेवानिवृत्त कर दिया गया। सुनवाई के बाद एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को 60 वर्ष में सेवानिवृत्त करने का आदेश निरस्त कर उसे सेवा में वापस लेने का आदेश दिया।
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