आधार लिंक या आवेदन करने से चूके तो किसान का कर्ज नहीं होगा माफ

सभी ग्राम पंचायतों में ऋ ण माफ ी के पात्र किसानों की सूची चस्पा
जबलपुर, । जय किसान ऋ ण मुक्ति योजना के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ऋ ण माफ ी के पात्र किसानों की सूची चस्पा कर दी गई है । पोर्टल पर उपलब्ध बैंकवार और ग्रामवार किसानों की सूची को चस्पा करने के साथ ही किसानों को ऋ ण माफ ी के आवेदन पत्रों के वितरण का तथा भरे हुए आवेदन पत्र प्राप्त कर डाटा एंट्री का काम भी प्रारंभ हो गया है । जय किसान ऋ ण मुक्ति योजना के जिले में प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज के निर्देशानुसार जिले के सभी जनपद पंचायत मुख्यालयों में पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायकों के प्रशिक्षण भी आयोजित किये गये । कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने खुद जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की गोहलपुर शाखा में किसान ऋण मुक्ति योजना के तहत चल रहे कार्य की विस्तृत समीक्षा की और प्रक्रिया का सूक्ष्म अवलोकन किया । इस दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रजनी सिंह एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज गुप्ता भी मौजूद थे ।
जय किसान ऋ ण मुक्ति योजना के तहत फ सल ऋ ण माफ ी का सबसे ज्यादा लाभ जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से संबद्ध प्राथमिक कृषि साख समितियों के किसानों को मिलना है । जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से संबद्ध ऐसे किसानों की संख्या 25 हजार 745 है जिनका लगभग 225 करोड़ रूपये फसल ऋण इस योजना के तहत माफ किया जायेगा । योजना के तहत राष्ट्रीयकृत बैंकों के लाभांवित किसानों की संख्या इससे अलग होगी । जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से संबद्ध ऋण मुक्ति योजना में पात्र 25 हजार 745 किसानो में से 4 हजार 670 किसानों के खातों से ही आधार नंबर लिंक हैं, जो मात्र 18 प्रतिशत हैं ।
मुख्यमंत्री कर्ज माफी योजना के तहत किसान केवल दो लाख रुपए तक कर्ज माफी का लाभ ले सकेंगे। योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने बैंक से खाद-बीज या केवाईसी के तहत कर्ज ले रखा है। कर्जमाफी का लाभ लेने के लिए ऋ ण खाते से आधार का लिंक होना आवश्यक है। आधार कार्ड लिंक न होने व आवेदन न करने पर किसान इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। एमपी ऑनलाइन द्वारा 15 जनवरी से लाइव पोर्टल चालू किया गया है, जिस पर किसानों से मिलने वाले आवेदन ऑनलाइन अपडेट किए जाने लगे हैं। किसानों को तीन केटेगिरी में रखा जाएगा। किसान जिस केटेगिरी में आएगा उसे उस रंग का फार्म भरना होगा, फार्म किसान को नि:शुल्क मिलेगा। ग्राम पंचायत भवन व वार्ड ऑफिस पर कर्जदार किसानों की सूची चस्पा की जाने लगी हैं। सूची तीन तरह की है जो हरी सूची, सफेद सूची व गुलाबी सूची। हरी सूची में उन किसानों के नाम होंगे जिनके आधार खाते से लिंक हैं। सफेद सूची में उन किसानों के नाम होंगे जिनके खाते से आधार लिंक नहीं है तथा गुलाबी सूची में वे किसान होंगे जिनका नाम इन दोनों सूची में गलत लिखा है या फिर नाम है ही नहीं। हरी सूची में नाम आने वाले किसान हरा, सफेद सूची वाले किसान सफेद व जिनका नाम इन दोनों में नहीं है या फिर गलत नाम दर्ज है, उन्हें गुलाबी रंग का फार्म भरना होगा। किसान जिस ग्राम पंचायत में निवासरत हैं वह उसी पंचायत में ग्राम सचिव, ग्राम रोजगार सहायक व नोडल अधिकारी के पास फार्म जमा कर सकते हैं। निगम सीमा में आने वाले किसान वार्ड ऑफिस में फार्म जमा कर सकते हैं।
मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री फसल ऋ ण माफी योजना के आवेदन पत्र ग्राम पंचायत स्तर पर अनिवार्यत: उपलब्ध हों। उन्होंने कमिश्नर व कलेक्टर से इस संबंध में विडियो कान्फ्रेंस के जरिए योजना के क्रियान्वयन के संबंध में चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि समस्त ग्राम पंचायतों में 18 जनवरी तक हरी और सफेद सूचियां चस्पा कर दी जाएं।

दो लाख से अधिक का कर्ज स्वयं चुकाएं
किसान को दो लाख रुपए तक की कर्ज माफी का लाभ मिलेगा। भले ही किसान ने अलग-अलग बैंकों से किसान के्रडिट कार्ड के तहत अधिक कर्ज ले रखा हो। किसान का जिन बैंकों में खाता है वहां पर आधार लिंक कराना आवश्यक है। दो लाख से अधिक का कर्ज स्वयं अदा करना होगा।
सम्मान प्रमाण पत्र भी मिलेगा
1 अप्रैल 2007 से 31 मार्च 2018 के बीच कर्ज लेने वाले सभी किसानों को कर्ज माफी का लाभ मिलेगा। शासन से राशि पहुंचने के बाद बैंक किसान को ऋण मुक्ति का प्रमाण पत्र देगा। इसके साथ ही 12 दिसम्बर 2018 तक जो किसान आंशिक या कर्ज का पूर्ण भुगतान कर चुके हैं,उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। बैंक में शासन की ओर से राशि पहुंचने के बाद बैंक बकाया काटकर बाकी का पैसा किसान के खाते में पहुंचाएगा। जो किसान आंशिक या पूर्ण भुगतान कर चुके हैं उन्हें बैंक की ओर से सम्मान प्रमाण पत्र भी मिलेगा।